कट गया पेड़, काम न आया व्हाट्सऐप

कटा हुआ हरा पेड़
    • Author, दिलनवाज़ पाशा
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 1 मिनट

टेक्नोलॉजी की मदद से हरा पेड़ कटने से बचाने की कोशिश कर रहा पर्यावरण प्रेमी अब ख़ुद मुसीबत में फंस गया है.

उत्तर प्रदेश के अमेठी ज़िले के ओटिया गांव में महुए का पेड़ काटे जाने का मामला पुलिस महानिदेशक तक पहुंच गया है.

ईद मनाने मुंबई से अपने गांव आए नफ़ीस ख़ान ने फोन और व्हाट्सऐप के ज़रिए पेड़ काटे जाने की शिकायत पुलिस से की थी.

पुलिस पहुंची तो लेकिन कथित तौर पर रिश्वत लेकर मामला रफ़ा-दफ़ा कर दिया. साथ ही, नफ़ीस की पहचान भी ज़ाहिर कर दी.

अमिताभ ठाकुर
इमेज कैप्शन, आईजी सिविल डिफ़ेंस अमिताभ ठाकुर ने मौक़े पर पहुँचकर तथ्यों की जाँच भी की.

नफ़ीस का कहना है, "पुलिस को पहचान ज़ाहिर नहीं करनी चाहिए थी. इससे मुझे ख़तरा है."

कार्रवाई न होते देख परेशान नफ़ीस ने कटे पेड़ की तस्वीरें व्हाट्सऐप के ज़रिए आईजी अमिताभ ठाकुर को भी भेजीं.

लौटा दी 'रिश्वत'

इसके बाद अमिताभ ठाकुर ने गांव का दौरा किया. उनका कहना था, “मैंने मौक़े पर लोगों से बात की जिन्होंने चौकी इंचार्ज के 13 हज़ार रुपए लेने और मेरे पहुंचने पर रक़म लौटाने की बात कही है."

अब पेड़ काटने का मामला दर्ज हो गया है और रिश्वत के आरोपों की भी जांच हो रही है.

अमिताभ ठाकुर मानते हैं कि गंभीर ग़लती हुई है, "शिकायतकर्ता की पहचान सार्वजनिक कर उसके लिए ख़तरा पैदा कर दिया गया."

अमिताभ ठाकुर ने अब इस मामले को लखनऊ के आईजी और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को भेजा है “ताकि लोग पर्यावरण बचाने के लिए आगे आने में डर न महसूस करें.”

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>