बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य अपने पिता स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर पार्टी पर भड़कीं

संघमित्रा मौर्य
    • Author, अनंत झणाणे
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी, लखनऊ से
  • प्रकाशित

उत्तर प्रदेश की हाई प्रोफ़ाइल सीट फ़ाज़िलनगर से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी स्वामी प्रसाद मौर्य मैदान में हैं. वहाँ उनकी बेटी और बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य ने अपने पिता को जिताने और बीजेपी को हराने की अपील कर डाली है.

दरअसल मंगलवार को प्रदेश में छठे चरण के चुनाव प्रचार के अंतिम दिन स्वामी प्रसाद मौर्य और उनके प्रतिद्वंद्वी बीजेपी उम्मीदवार ने एक दूसरे पर उन्हें और उनके समर्थकों पर हमला करने का आरोप लगाया है.

योगी सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री और एक बड़ा ओबीसी चेहरा स्वामी प्रसाद मौर्य चुनाव के कुछ दिन पहले भाजपा छोड़ अपने समर्थकों के साथ सपा में शामिल हो गए थे, जिसे भाजपा के लिए एक बड़ा सियासी झटका माना गया.

कुशीनगर प्रशासन के मुताबिक़ घटना मंगलवार दोपहर 3:30 बजे की है जब फाज़िलनगर के गुडरिया बाज़ार इलाके से स्वामी प्रसाद मौर्य का काफिला गुज़र रहा था. स्वामी प्रसाद मौर्य का आरोप है कि उनका रोड शो हो रहा था और तभी उनके काफिले पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने हमला किया.

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "स्वाभाविक रूप से वो हमला हमारे ऊपर ही किया गया. लेकिन आज सुरक्षा के लिहाज़ से मैं अपनी गाड़ी में ना बैठकर, एक काले रंग की दूसरी गाड़ी जिसमें मैं कभी नहीं बैठता, उसमें बैठ गया था."

बीजेपी पर आरोप

दरअसल, फाज़िलनगर का चुनाव छठे चरण में है और उसका मतदान 3 मार्च को होने जा रहा है. स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस घटना को एक सुनियोजित हमला बताया.

उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा,"भाजपा के कार्यकर्ता पहले से, लाठी डंडे और यहाँ तक कि कट्टे और पत्थर की बड़ी-बड़ी गिट्टियों के साथ बैठे थे. जैसे ही काफ़िला यहाँ पहुंचा उन्होंने मोटरसाइकिल का जुलूस निकाला, गाली-गलौच करना शुरु किया, गाड़ी के सामने अपनी मोटरसाइकिल लगा दी और गाड़ियों को रोककर, एक-एक करके सैकड़ों गाड़ियों को तोड़ दिया. जिसमें मेरी निजी गाड़ी के शीशे पूरी तरह से टूट चुके हैं."

मौके से आये वीडियो में स्वामी प्रसाद मौर्य पुलिस के एक अधिकारी को अपनी गाड़ी से हुई तोड़-फोड़ भी दिखा रहे हैं.

इस घटना के लिए उन्होंने योगी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, "यह हमला स्वामी प्रसाद मौर्य के काफ़िले पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र की हत्या करने के लिए किया गया है. योगी सरकार जिस तरीके से आज गुंडे माफियाओं की माध्यम से लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश कर रही है, इसकी मैं घोर निंदा करता हूँ."

स्वामी प्रसाद मौर्य ने मीडिया को यह भी बताया कि उनके काफ़िले पर हमला करने वाले कुछ लोगों की पहचान कर उन्होंने सूची बनाई है जिसमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख तमकुई गुड्डू राय, सदस्य जिला पंचायत गणेश चौहान के नाम शामिल हैं.

अखिलेश यादव के साथ स्वामी प्रसाद मौर्य

भाजपा प्रत्याशी का खंडन

इस घटना के बारे में फ़ाज़िलनगर से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह कुशवाहा ने स्वामी प्रसाद मौर्य के लगाए आरोपों के बारे में कहा कि हमला भाजपा नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने किया.

वो कहते हैं, "हम लोगों का काफ़िला बहुत लंबा था, यह देख कर उन्हें ईर्ष्या हुई, और उनके गुंडे हम लोगों पर हमला बोल दिए. हमले में हम लोगों की काफी गाड़ियां टूटी हुई हैं."

बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य पिता के साथ

इस घटना की खबर मिलते ही भाजपा की बदायूं से सांसद और स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य भी मौके पर पहुँची.

उनसे भी जुड़े कुछ वीडियो सामने आये हैं जिसमे वो हाथ में एक डंडा लिए आगे बढ़ रही हैं और कह रही हैं, "आइये, आइये, मैं भी आ गयी अब तो". फिर लोग उन्हें घेर लेते हैं और कहने लगते हैं, "वीडियो बना लीजिये, तमाशा कर रही हैं." इसके बाद मौजूदा भीड़ शोर-शराबा करने लगती है.

स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य
इमेज कैप्शन, स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य

संघमित्रा मौर्य ने मीडिया से बात करते हए बीजेपी प्रत्याशी और अपनी ही पार्टी पर हमला बोल दिया.

उन्होंने कहा,"हमला हुआ है, यह पिताजी नहीं कह रहे हैं, यह सड़क पर दिखाई दे रहा है. वो भाजपा जो शान्ति की और दंगा मुक्त प्रदेश की बात करती है, आज उसी के प्रत्याशी ने हमारे पिता पर हमला किया है.''

संघमित्रा ने आगे खुलकर अपने पिता के पक्ष में मतदान की अपील की. उन्होंने कहा,"आज मैं खुले आम यहाँ पर आके कहती हूँ की फाज़िलनगर की जनता तीन मार्च को ऐसे हुड़दंगियों को साबक सिखाएगी. और स्वामी प्रसाद मौर्य को भारी मतों से विजयी बना करके दबँगईयों को उनके घर में बंद करवाएगी.

''इतना ही नहीं, जब मुझे कुशीनगर में पता चला कि पिताजी पर हमला हुआ और मैं आ रही थी, तो पीछे बाज़ार में हमें भी घेरा गया. जब वहां पर पुलिस पहुँची है तो पांच गाड़ियों की फ़ोर्स हम लोगों को वहां से बचा कर लाई है. वहां पर भी भाजपा के कार्यकर्ताओं ने एक महिला को भी घेरा, उस महिला को जो खुद भाजपा की सांसद है. "

भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह कुशवाहा ने संघमित्रा मौर्य के आरोपों का खंडन करते हुए कहा, "संघमित्रा मौर्या भाजपा की सांसद हैं, भाजपा ने उनको सांसद बनाया, वो लाठी लेकर घूम रही हैं. फाज़िलनगर विधानसभा शांतिप्रिय विधानसभा है. जो माहौल बनाया है, उसकी सज़ा यहाँ की जनता निश्चित रूप से देगी."

कुशीनगर प्रशासन ने क्या कहा

इस पूरी घटना के बारे में कुशीनगर के ज़िलाधिकारी एस राजलिंगम ने कहा कि भाजपा और सपा के समर्थक आमने सामने आ गए थे, दोनों में नारेबाज़ी हुई और उसमें पथराव का आरोप है.

उन्होंने कहा,"स्वामी प्रसाद मौर्य के काफ़िले कि कुछ गाड़ियों की परमिशन नहीं पाई गई और कुछ गाड़ियां टूटी-फूटी भी पाई गयीं. इन्होंने रैली के लिए परमिशन ले रखे थी. इसको लेकर पुलिस जांच में जुटी है.

"भाजपा की ओर से रैली की अनुमति ली गई थी. स्वामी प्रसाद मौर्य की दो गाड़ियों की परमिशन थी लेकिन काफ़िले में और भी गाड़ियां थीं लेकिन उसमें परमिशन नहीं थी. उसकी एक प्रक्रिया है, वो भी देखेंगे."

डीएम ने साथ ही कहा कि चुनाव को देखते हुए 'इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि कौन इसमें किस रूप में बताना चाहता है' और 'इस संवेदनशीलता को भी ध्यान में रखते हुए जाँच की जा रही है'.

पुलिस ने इस मामले में स्वामी प्रसाद मौर्य के एक समर्थक की तहरीर पर एफ़आईआर दर्ज़ कर 18 लोगों को नामजद किया है.

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