भारत-चीन सीमा पर झड़प: भारतीय सैनिकों ने क्यों नहीं किया हथियारों का इस्तेमाल, बताया विदेश मंत्री एस जयशंकर ने

एस जयशंकर, भारतीय विदेश मंत्री
प्रकाशित
पढ़ने का समय: 2 मिनट

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सवालों का जवाब दिया है.

विदेश मंत्री ने कहा है कि गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर तैनात भारतीय जवानों के पास हथियार थे लेकिन पिछले समझौतों के तहत उन्होंने हथियार का इस्तेमाल नहीं किया.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार से सवाल पूछा था कि भारतीय सेना को बिना हथियार के चीनी सैनिकों के पास किसने भेजा था.

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इसके जवाब में विदेश मंत्री ने ट्वीट कर कहा, ''सीमा पर तैनात सभी जवान हथियार लेकर चलते हैं. ख़ासकर पोस्ट छोड़ते समय भी उनके पास हथियार होते हैं. 15 जून को गलवान में तैनात जवानों के पास भी हथियार थे. लेकिन 1996 और 2005 के भारत-चीन संधि के कारण लंबे समय से ये प्रैक्टिस चली आ रही है कि फ़ैस-ऑफ़ के दौरान जवान फ़ायरआर्म्स (बंदूक़) का इस्तेमाल नहीं करते हैं.''

भारत-चीन सीमा विवाद

15-16 जून की रात गलवान घाटी में एलएसी पर तैनात भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक संघर्ष हुए थे जिनमें 20 भारतीय सैनिक मारे गए थे.

उसके बाद से ही राहुल गांधी सरकार पर निशाना साध रहे हैं.

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राहुल गांधी ने गुरुवार को ट्वीट कर पूछा था, ''हमारे निहत्थे सिपाहियों को मारने की चीन की हिम्मत कैसे हुई. हमारे सिपाहियों को निहत्थे शहीद होने के लिए क्यों भेजा गया था.''

वीडियो कैप्शन, भारत चीन तनाव के बाद राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

लेकिन विदेश मंत्री के इस जवाब से बहुत लोग संतुष्ट नहीं नज़र आ रहे हैं.

सोशल मीडिया पर लोग विदेश मंत्री के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

जाने-माने पत्रकार राहुल पंडिता ने ट्वीट कर कहा कि हथियार रखने का क्या फ़ायदा अगर आप उनका इस्तेमाल नहीं कर सकते जब आपके कमांडिंग ऑफ़िसर मारे जा रहे हों.

राहुल पंडिता का कहना था, ''ओके, जवानों के पास हथियार थे. मैं समझौतों को भी समझता हूं. लेकिन हथियार रखने का क्या मतलब अगर आप उनका इस्तेमाल नहीं कर सकते जब आपके कमांडिंग ऑफ़िसर के शरीर को कीलों और कँटीले तारों से नोंचा जा रहा था.''

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जाने-माने पत्रकार आशुतोष भी विदेश मंत्री के जवाब पर आपत्ति जताते हुए कहते हैं, "विदेश मंत्री जी आपके ट्वीट जितना बताते हैं उससे ज़्यादा छुपा रहे हैं. अगर भारतीय सैनिकों के पास हथियार थे जैसा कि आप कह रहे हैं, तो फिर उन्होंने आत्मरक्षा में उनका इस्तेमाल क्यों नहीं किया? मंत्री जी कृपया इसका जवाब दें. ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, कुछ छुपाएं नहीं, सिर्फ़ सच क्या है वो बताएं."

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