सोशल: बजट के बारे में क्या कह रहे हैं आम लोग

अरुण जेटली, बजट, बजट 2018
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मोदी सरकार वित्त वर्ष 2018-19 का बजट पेश कर चुकी है. अब चर्चा इस बारे में हो रही है कि बजट है कैसा.

गरीबों को क्या मिला, किसानों को क्या मिला, मिडिल क्लास को क्या मिला और आम आदमी को क्या मिला. फ़ेसबुक और ट्विटर समेत सभी सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म्स पर ज़ोरदार चर्चा हो रही है.

ट्विटर पर #Budget2018, #Arun Jaitley और #FinanceMinister टॉप ट्रेंड में शामिल हैं.

बजट को लेकर कुछ लोग गंभीर बातचीत कर रहे हैं तो कुछ हंसी-मज़ाक में मशगूल हैं. लोग एक से बढ़कर एक चुटकुले और मीम्स शेयर कर रहे हैं.

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अमितेष श्रीवास्तव ने लिखा, "कड़ाही-कलछी के लिए बजट में कुछ नहीं है. पकौड़े कैसे बनेंगे?''

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चंदन ने ट्वीट किया, "वो 15 लाख रुपये 2019 से पहले मिल जाते तो थोड़ी-बहुत आर्थिक मदद हो जाती."

एक दूसरे ट्विटर यूज़र ने तंज किया, "मित्रों! कल रात में चांद दिखा दिया ना. अब दिन में तारे दिखेंगे."

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बजट पेश होने एक महाशय का ग़म शायरी के रूप में कुछ ऐसे फूटा-

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अमरीश जानना चाहते हैं कि आखिर कब तक किसानों की आय दोगुनी होगी?

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श्रीओम कुमार बजट को राजस्थान उपचुनाव में बीजेपी की हार से जो़ड़कर देखते हैं. उन्होंने लिखा, "बजट से आम आदमी उतना ही ख़ुश है जितना बीजेपी राजस्थान उपचुनाव के नतीजों से."

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हालांकि ऐसा भी नहीं कि लोग सिर्फ सरकार की आलोचना ही कर रहे हैं. कई लोग बजट से खुश भी नज़र आ रहे हैं.

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बृजेश ने ट्वीट किया, "वास्तविक और ईमानदार, कृषि और स्वास्थ्य और शिक्षा पर फ़ोकस. सबका साथ, सबका विकास."

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रोनक जैन ने लिखा,"भारत का ओबामा केयर. 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा."

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