You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
गुलाल गोटे मार होलीः मारो तो फूटे हंसी का फव्वारा
जयपुर के त्रिपोलिया बाज़ार में मणिहारों का रास्ता यूँ तो जाना जाता है लाख की खूबसूरत चूड़ियों के लिए. पर होली के मौके पर यहाँ सजता है 'गुलाल गोट' का बाज़ार.
'गुलाल गोट' जिन्हें आप लाख के छोटे गुलाल भरे गुब्बारे कह सकते हैं. इन्हें मारें तो सिर्फ रंग बिखरेगा पर चोट नहीं लगेगी.
मुस्लिम समुदाय के हुनरमंद कारीगर इन्हें बनाते हैं और यह परंपरा जयपुर के शुरुआती दिनों से ही चली आ रही है.
बब्बू ख़ान मणिहार का परिवार कई पीढ़ियों से गुलाल गोटे बना रहा है.
वे बताते हैं, "पहले जयपुर के महाराजा हाथी पर सवार हो गुलाल गोटों से होली खेलते थे. अब आमजन भी इसका लुत्फ़ उठा रहे हैं."
वे कोयले की छोटी सी अंगीठी पर लाख को पिघलाते हैं. फिर उसकी छोटी सी गोली बनाकर, हाथ का सहारा देकर फूंकनी से फुलाते हैं. जब गोटा फूल जाता है, उसे ठंडा होने के लिए पानी में डाल दिया जाता है.
कुछ घंटे बाद उसमें रंग भरकर सील कर दिया जाता है.
बब्बू ख़ान के बेटे अमज़द ख़ान सहित परिवार के सभी सदस्य उनकी मदद करते हैं.
इस बार उन्हें जयपुर के सिटी पैलेस सहित जोधपुर, अलवर और करौली से गुलाल गोटों का ऑर्डर मिला है.
वे बताते हैं, "गुलाबी रंग के गोटों में गुलाबी और हरे रंग के गोटे में हरा रंग भरते हैं ताकि ग्राहक अपना मनपसंद रंग चुन सकें."
पीढ़ी दर पीढ़ी कारोबार
आवाज़ मोहम्मद भी अपने बेटे को गुलाल गोटा बनाना सिखा रहे हैं.
कांच जैसे सख्त लाख को सही तापमान पर पिघलाना और फिर उसे छोटे से सिलबट्टे पर हल्का ठंडा करने से लेकर गोटों को आकार देने तक.
वो कहते हैं, "पीढ़ी दर पीढ़ी यह हुनर यूँ ही सब सीखते जाते हैं."
वे कहते हैं, "पहले चुनिंदा लोग ही खरीदते थे अब मीडिया में ख़बरें आने का बाद सभी लोग खरीदने लगे हैं. इस बार उन्होंने गुलाल गोटे मुंबई और बेंगलुरु भेजे हैं तो पिछली बार कोलकाता."
सैलानियों को भी ये बहुत रास आ रहे हैं.
स्कूल आते-जाते बच्चों की टोली गुलाल गोटों की दुकानों के आसपास मंडराती रहती है.
अपने साथियों पर गुलाल गोटा मारने में उन्हें बड़ा मज़ा आता है. इधर रंग बिखरता है और उधर हंसी का फव्वारा.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)