संपन्नता और मोटापे का रिश्ता

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ये अक्सर कहा जाता है कि मोटापा अमीरों या संपन्न लोगों की बीमारी है. यानी ये ग़रीबों को होने वाला रोग नहीं है. हमने उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर ये जानना चाहा कि संपन्नता और मोटापे के बीच कैसा रिश्ता है. इसके लिए दुनिया के कई देशों की संपन्नता के आंकड़े जुटाए गए और साथ में वहाँ मोटापे की स्थिति को लेकर.

ग्राफ़ के ज़रिए समझिए कि दोनों में कैसा रिश्ता है.

1980

यहाँ वर्ष 1980 में दो देशों के समूह की तुलना की गई है. विकासशील देशों के समूह ब्रिक्स देशों की और संपन्न देशों के समूह जी-7 देशों की. और ये तस्वीर संपन्नता और मोटापे के बीच संबंध पर काफ़ी कुछ कहती है.

1990

1990 के आंकड़ों के आधार पर तुलना

1990 के आंकड़े दिखाते हैं कि संपन्नता से मोटापे का संबंध साफ़ है. अमरीका दुनिया का सबसे संपन्न देश है और वहाँ ज़ाहिर तौर पर मोटापा अधिक है. लेकिन रूस और दक्षिण अफ़्रीका भी इसमें पीछे नहीं है.

2000

वर्ष 2000 के आंकड़ों के आधार पर ग्राफ़

वर्ष 2000 के आंकड़े एक अलग सी स्थिति बयान करते हैं जिससे पता चलता है कि मोटापे का संबंध संपन्नता के अलावा जीवनशैली से भी है. तभी तो जापान अपनी संपन्नता के बावजूद अपने लोगों की मोटापे पर क़ाबू पाने में सफल होता है.

2008

वर्ष 2008 में संपन्नता और मोटापे के बीच संबंध

वर्ष 2008 के आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि दक्षिण अफ़्रीका जैसा देश मोटापे के मामले में अमरीका के लगभग बराबरी पर खड़ा दिखता है. कई जगह विकासशील और विकसित के बीच का अंतर ख़त्म होता दिखता है.