सलमान के केस की महत्वपूर्ण बातें

सलमान ख़ान
    • Author, सुशांत एस मोहन
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, मुंबई
  • प्रकाशित

सलमान ख़ान के 2002 के हिट एंड रन मामले की सुनवाई एकता कपूर के किसी धारावाहिक सी लगती है. इस मामले में जिस तेजी से मोड़ आए उन्हें देख कर लगता है कि जल्द ही कोई निर्देशक इस केस पर फ़िल्म बना देगा.

मुंबई की एक सत्र अदालत में लगातार चल रही कार्यवाही के बीच मंगलवार को सलमान ख़ान मामले में अदालत अपना फ़ैसला सुनाएगी. बीबीसी हिंदी ने नज़र डाली इस मामले के कुछ अहम बिंदुओं और इस मामले से जुड़े लोगों पर.

सितंबर 2002

28 सितंबर देर रात को एक टोयोटा लैंड क्रूज़र गाड़ी ने मुंबई के बांद्रा इलाके कि एक बेकरी के बाहर सो रहे लोगों को कुचल दिया. आरोप है कि ये गाड़ी सलमान ख़ान चला रहे थे.

हादसे में 4 लोग ज़ख़्मी हुए और एक आदमी की मौत हो गई. सलमान ख़ान को घटना की रात ही बैंडस्टैंड स्थित उनके घर से हिरासत में ले लिया गया था लेकिन फिर ज़मानत पर छोड़ा गया.

मार्च 2006

सलमान ख़ान

सलमान ख़ान को पुलिस की ओर से दिए गए अंगरक्षक कांस्टेबल रवींद्र पाटिल को इस घटना के 4 साल बाद हिरासत में लिया गया. रवींद्र इस मामले के चश्मदीद थे लेकिन आखिर तक उन्होनें अपना बयान स्पष्ट नहीं किया कि सलमान गाड़ी चला रहे थे या नहीं.

पुलिस में रहते हुए भी पुलिस की मदद न करने के लिए उन्हें पुलिस बल से निलंबित कर दिया गया और गिरफ़्तारी के ठीक एक साल बाद तीन अक्तूबर 2007 को रवींद्र की टीबी से मौत हो गई.

अगस्त 2014

सलमान के अदालत से नदारद रहने से मामले की धीमी रफ़्तार पर फ़टकार के बाद सलमान के परिवार से किसी एक व्यक्ति ने अनिवार्य तौर पर अदालत में आना शुरू किया. लेकिन पुलिस ने कोर्ट को बताया की मामले से जुड़ी डायरी खो गई है जिसमें 63 चश्मदीेदों में से 55 के बयान थे.

मार्च 2015

सलमान ख़ान

27 मार्च को सलमान अदालत में बयान देने हाज़िर हुए और उन्होनें कहा, "मैं नशे मैं नहीं था और न ही गाड़ी चला रहा था. ड्राइविंग सीट पर मेरा ड्राइवर अशोक था जब ये हादसा हुआ."

सलमान ने ये भी कहा कि अल्कोहल के लिए की गई खून की जांच में सही तरीका नहीं अपनाया गया.

सलमान ने कहा, "खून की जांच करने वाला व्यक्ति बाला सिंह एक्सपर्ट नहीं था और उसने सही जांच नहीं की."

मार्च 2015

सलमान ख़ान

31 मार्च को सलमान के ड्राइवर अशोक सिंह ने खुद के ड्राइविंग सीट पर होने की बात मान ली. ये डिफ़ेंस के केस को सबसे बड़ा झटका था. अशोक सिंह ने अदालत में कहा, "पुलिस मेरा यकीन नहीं कर रही थी इसलिए मैं इतने साल चुप रहा लेकिन उस दिन गाड़ी मैं ही चला रहा था ".

अशोक कि पत्नी अनीता सिंह ने मुंबई से बाहर जाने के एक दिन पहले मुंबई मिरर को दिए एकमात्र साक्षात्कार में कहा था, "मेरे पति ने मुझसे कभी नहीं कहा कि वो उस दिन गाड़ी चला रहे थे. हमारी कभी ऐसी कोई बात नहीं हुई."

अप्रैल 2015

सलमान के वक़ील ने कहा कि मीडिया सलमान के विरूद्ध माहौल बना रहा है. इसके अलावा सलमान के वकील ने ये भी कहा कि जिस आदमी की मौत हुई वो गाड़ी की टक्कर से नही बल्कि क्रेन से गाड़ी उठाते समय घायलों पर गाड़ी गिर जाने से हुई.

ये सीधा सीधा पुलिस के पर आरोप था, यानी पुलिस की लापरवाही से घायल की मौत हुई टक्कर से नहीं.

मई 2015

सलमान ख़ान

मामले के जज डीडब्लू देशपांडे जो 12 साल से केस की सुनवाई कर रहे है, उनका तबादला दूसरी जगह हो गया है, हालांकि वे 6 मई को अपना फैसला सुनाकर ही अपनी नई ज़िम्मेदारी संभालेंगे.

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