रंग-कूची और शह-मात का खेल...

शतरंज
    • Author, इंदु पांडेय
    • पदनाम, पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
  • प्रकाशित

शतरंज की चालों में सिर्फ मोहरें ही नहीं चलती है, यहाँ दिमाग भी चलता है.

ऐसी ही एक प्रदर्शनी लगी है दिल्ली की अयप्पा गैलरी में, जहां रंग और कूची के साथ साथ अलग अलग कलाकारों ने शतरंज की थीम पर अपनी कलाकृतियां पेश की हैं.

हाल ही में दिल्ली की गैलरी में 25 कलाकारों ने अपनी कल्पना को साकार किया 'आर्ट ऑफ़ चेस' नामक प्रदर्शनी में. क्यूरेटर और प्रमोटर शरण अप्पाराव ने भारतीय शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद से प्रोत्साहित होकर 25 कलाकारों को इस विषय काम करने के लिए आमंत्रित किया.

शतरंज की बिसात पर

शतरंज

इस प्रदर्शनी में खिलाड़ी के अलावा सब कुछ था, जो शतरंज की बिसात पर बिछा हुआ है.

चेस बोर्ड पर इन कलाकारों ने अपनी कल्पना को साकार करते हुए कहीं चाकलेट को मोहरों के तौर पर रखा तो कहीं लकड़ी का इस्तेमाल किया.

हर बोर्ड पर कला की छाप देखी जा सकती है, जैसे आदिल राइटर ने काले सफ़ेद बोर्ड पर ग्रे शेड्स के मोहरे रखे.

कहीं इत्र की शीशी मोहरे पर अपनी खुशबू बिखेर रही हैं तो कहीं सबके सर पर शतरंज सवार है.

इंसान बने मोहरे!

शतरंज

शतरंज में मोहरों के रूप में कुछ भी रखा जा सकता हैं. शायद तभी कई बार इंसानों को मोहरा बना लिया जाता है .

चेन्नई के कलाकार जॉर्ज के ने लड्डू को मोहरा बनाया. मुंबई की भावना सोनवणे का शतरंज नेत्रहीनो के लिए बना था, जिस पर राजा रानी की आकृतियां उभार लिए हुए थीं.

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एक तरफ़ भारत की आज़ादी से पहले का दौर दिखाया गया है, जहाँ एक तरफ रानी विक्टोरिया हैं तो दूसरी तरफ भारतीय नेता. इतिहास गवाह है कि यहां किसकी जीत हुई.

इस प्रदर्शनी को भारत में कई जगह दिखाने की योजना है. इसे पहले चेन्नई ,हैदराबाद ,जयपुर,कोलकाता मे दिखाया गया है.

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चेस बोर्ड पर शुगर क्यूब्स

कुछ नहीं तो चेस बोर्ड पर शुगर क्यूब्स रखिये और खेल शुरू शतरंज का.

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इमेज कैप्शन, शतरंज में मिठास घोलते शुगर क्युब्स के मोहरें.

ये इंसान की फितरत ही है कि हर समय उसके सर पर चालें सवार रहती हैं .

राजा रानी की कहानी में यहाँ उसके साथ वज़ीर हैं, हाथी हैं, दो ऊंट हैं, और आठ प्यादों का साथ है. सारा खेल इन्हीं मोहरों की चाल पर निर्भर करता है.

शतरंज
इमेज कैप्शन, सर पर सवार शतरंज की चाल.

ये है साइंस लैब का नज़ारा परखनली रखी और शुरू हुआ ये खेल.

शतरंज

घोड़े ढाई कदम, हाथी सीधे और ऊंट टेढ़े दौड़ सकते हैं. सिर्फ शतरंज में ही ऐसा हो सकता है.

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