तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर ने 'शूटर दादी' से कैसे सीखी चाल ढाल?

Saand Ki aankh
    • Author, ज्योतिका सिंह
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 3 मिनट

कहते हैं सपने देखने की कोई उम्र नहीं होती, इस कहावत को सच कर दिखाया उत्तरप्रदेश में बागपत के जोहरी गांव में रहने वाली तोमर परिवार की बहू चन्द्रो और प्रकाशी तोमर ने.

इन्होंने हमेशा ही अपने घर का काम किआ, अपने पतिओं की सेवा की, खेत जोता और ज़्यादा कुछ ख़ास कर नहीं पाईं. लेकिन अपनी पोती का डर दूर करने गयी चंद्रो दादी ने जब पिस्तौल उठायी तब उनकी ज़िंदगी बदल गयी.

अब उनकी ज़िंदगी पर फ़िल्म भी बन गई है.

25 अक्तूबर को रिलीज़ होने वाली फ़िल्म 'सांड की आँख' में चंद्रो तोमर का किरदार निभा रही हैं भूमि पेडनेकर और प्रकाशी तोमर का किरदार निभा रही हैं तापसी पन्नू.

बीबीसी से ख़ास बातचीत की बागपत की 'शूटर दादी' चंद्रो और प्रकाशी तोमर ने.

Shooter Dadi

चंद्रो तोमर की पोती शूटिंग रेंज के माहौल से घबरा गयी और रोने लगी थीं तब अपनी पोती को रोते देख उसका डर दूर करने के लिए चंद्रो तोमर ने पिस्तौल उठाई और कहा ''देख बेटी डरने की ज़रूरत नहीं है, मैं चलाके दिखाती हूँ और तब मेरा पहला ही निशाना टारगेट पर लगा, सबने कहा दादी तूने तो कमाल कर दिया.'' शायद इसी वाक्य ने उनकी ज़िंदगी बदल दी.

Taapsee Pannu and Bhumi pednekar

प्रकाशी तोमर से जब पूछा गया कि कैसे उन्होंने अपने घर गृहस्थी को साइड रख कर पिस्तौल हाथ में उठा लिया, तब उनका जवाब था, ''हमने तो अपने बच्चों का एडमिशन कराना था, हम तो बस उनके साथ जाया करते थे. 1 -2 दिन हो गए थे बैठ कर देखते थे, कैसे पिस्तौल भरते हैं, कैसे शूट करते हैं. फिर अचानक मुझे भी शौक़ चढ़ा सोचा एक बार मैं भी चला के देखूं. मेरा पहला ही छर्रा टारगेट पर लग गया तो सबने कहा दादी तू रोज़ प्रैक्टिस किया कर, तू बड़ी अच्छी है इसमें.''

तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर स्टारर फ़िल्म इस दीपावली रिलीज़ होने वाली है.

फ़िल्म में तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर ने अपनी उम्र से बड़ी महिलाओं का किरदार निभाया है. फ़िल्म का निर्देशन तुषार हिरानंदानी ने किया है.

प्रकाशी तोमर से जब पूछा गया कि उनकी इतनी अच्छी सेहत का राज़ क्या है?

इसप वो कहती हैं, ''हम घर का खाना खाते हैं जैसे दाल चावल. बस खाने के बाद मीठा चाहिए होता है, जब घर होते हैं तो गुड़ शक्कर और जब बाहर होटल में होते हैं तो गुलाब जामुन और दूध. दूध के बिना हमसे रहा नहीं जाता.''

Taapsee Pannu

सांड कि आँख फ़िल्म के ट्रेलर में दिखाया गया है कि दोनों शूटर दादिओं ने अपना पहनावा नहीं छोड़ा.

इस पर चंद्रो तोमर कहती हैं, ''हमें अपनी बोली पर, अपनी पहनावे पर गर्व है, हमने अपना पहनावा कभी नहीं छोड़ा, हमने किसी की परवाह नहीं की. बस काम करने की लगन होनी चाहिए, हिम्मत करे इंसान तो सहायता करे भगवान.''

शूटर दादियों ने तापसी और भूमि को अपनी चाल ढाल कैसे सिखाई, इस सवाल के जवाब में चंद्रो तोमर कहती हैं, ''हाँ मैं और प्रकाशी को वो बात करते दिखाया करती थीं, हमने उनको हमारी बोली बोलना सिखाया, तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर ने हमारे किरदारों को ख़ूब अच्छे से निभाया है.''

Taapsee Pannu and Bhumi pednekar

तापसी और भूमि के साथ उनका वक़्त कैसा गुज़रा, ये पूछे जाने पर प्रकाशी तोमर का कहना था, ''दोनों बच्चों का व्यवहार बहुत अच्छा रहा. दो-ढाई महीने वो हमारे साथ ही रहीं थीं. तापसी और भूमि दोनों हमारे ही घर रहा करती थीं. ख़ूब अच्छा वक़्त गुज़रा हम सबका.''

ये देवरानी और जेठानी की जोड़ी आपको सगी बहनों से कम नहीं लगेगी, चंद्रो तोमर और प्रकाशी तोमर दोनों ने इस बात का दावा किया है कि उन दोनों के बीच कभी नोक झोक नहीं हुई, वो हमेशा प्यार से रहीं और उनके घर में सभी बहुएं और बच्चे सब प्यार से रहते हैं.

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सांड कि आँख फ़िल्म को रिलीज़ से पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार ने टैक्स फ्री कर दिया है.

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