चीन ने कसी इंटरनेट पर लगाम, 42 वेबसाइट बंद

चीन में इंटरनेट
इमेज कैप्शन, सरकारी मीडिया के अनुसार इस कदम का मकसद अफ़वाहों पर लगाम कसना है.
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चीन के सरकारी मीडिया का कहना है कि अधिकारियों ने 42 वेबसाइटों को बंद कर दिया है और इंटरनेट से दो लाख टिप्पणियों को हटा दिया है.

मीडिया के अनुसार ये कार्रवाई मार्च महीने से शुरू हुई थी और इसका उद्देश्य इंटरनेट पर फैल रही अफ़वाहों पर नियंत्रण करना था.

इस कार्रवाई की जानकारी ऐसे वक्त में सामने आई है जब चीन के प्रभावशाली सियासतदान बो शिलाई के पतन के बारे में इंटरनेट पर काफी गर्मागर्म बहस हो रही है.

इंटरनेट पर लगाम कसने की ये ख़बर सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने दी है. इस जानकारी में बो शिलाई के कम्यूनिस्ट पार्टी से निष्कासन और उनकी पत्नी पर ब्रितानी नागरिक की हत्या के आरोप के बारे में कोई ज़िक्र नहीं है.

शिन्हुआ ने इंटरनेट पर नियंत्रण रखने वाले कार्यालय के अधिकारी लिउ झेंगरोंग के हवाले से लिखा है कि इंटरनेट पर अफ़वाहों से आम जनजीवन में बाधा पहुंची है जिसे सहन नहीं किया जा सकता.

अफ़वाहों का बाज़ार गर्म

चीन में इंटरनेट
इमेज कैप्शन, सरकारी कदमों के बावजूद चीन में लोग जानकारी साझा करने के लिए नित दिन नए तरीके खोज रहे हैं.

चीन में हमेशा ही जानकारी पर सरकार का कड़ा नियंत्रण रहता है लेकिन इंटरनेट के युग में ऐसे कारगर तरीके से कर पाना आसान नहीं रह गया है, विशेषकर तब जब 50 करोड़ चीनी इंटरनेट का इस्तेमाल करते हों.

मार्च के अंत तक अधिकारियों ने 16 वेबसाइटों को बंद कर दिया था और छह लोगों को गिरफ़्तार कर लिया था,

इसके अलावा बो शिलाई को पार्टी से हटाए जाने के बाद सेना द्वारा तख़्ता पलटने की अफ़वाहों को रोकने के लिए तीन दिन तक कुछ बेवसाइटों को बंद कर दिया गया था.

अफ़वाहों को रोकने का ये चीनी अभियान इंटरनेट पर और अधिक नियंत्रण का हिस्सा बन गया है.

चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के लिए स्थिरता बनाए रखना सबसे ज़रुरी है क्योंकि जल्द ही पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन होने वाला है.

लेकिन सरकारी कदमों के बावजूद चीन के इंटरनेट उपभोक्ता जानकारी और ख़बरों के लिए भूखे हैं और इसके लिए वे नित दिन नए तरीके ढूंढ रहे हैं.