लगातार मात खाती चेन्नई सुपरकिंग्स के इस खिलाड़ी से अब क्यों जताई जा रही है उम्मीद

डेवाल्ड ब्रेविस
इमेज कैप्शन, डेवाल्ड ब्रेविस 25 गेंदों में 42 रनों की पारी खेली
    • Author, मनोज चतुर्वेदी
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 7 मिनट

चेपॉक को चेन्नई सुपरकिंग्स का अभेद्य क़िला माना जाता रहा है. पर आईपीएल के इस सीज़न में यह क़िला बार-बार भेदा जाता रहा है और अब सनराइज़र्स हैदराबाद ने पहली बार इस मैदान पर विजय प्राप्त कर ली.

हैदराबाद पांच विकेट से जीत प्राप्त करके नॉकआउट में पहुंचने की दौड़ में बनी हुई है. इस जीत से वह छह अंक बनाकर आठवें स्थान पर आ गई है.

एसआरएच की इस जीत के हीरो हर्षल पटेल और ईशान किशन रहे. इन दोनों के अलावा आख़िरी समय में कामिंदु मेंडिस ने भी जीत में अहम भूमिका निभाई.

चेन्नई सुपरकिंग्स ने एक बार फिर निराशाजनक बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन करके 19.5 ओवर में 154 रन बनाए.

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2019 के बाद यह पहला मौक़ा है, जब चेन्नई के चेपॉक पर सभी खिलाड़ी आउट हुए हैं. एसआरएच ने आठ गेंद बाकी रहते पांच विकेट के नुकसान पर 155 रन बनाकर जीत प्राप्त कर ली.

हर्षल पटेल ने थामी सीएसके की पारी

हर्षल पटेल
इमेज कैप्शन, हर्षल पटेल ने 4 विकेट लिए

सीएसके ने एक समय 12 ओवरों में चार विकेट पर 107 रन बना लिए थे. यह मौक़ा था, जब उनके 170-180 रन तक जाने की उम्मीद की जा रही थी. लेकिन हर्षल पटेल ने बेहतरीन गेंदबाज़ी करके टीम को 20-30 रन कम बनाने दिए.

शिवम दुबे के आउट होने के बाद महेंद्र सिंह धोनी खेलने आए उस समय छह ओवर से ज़्यादा बाक़ी थे. पर पटेल ने धोनी को अभिषेक के हाथों लपकवाकर तगड़ा झटका दिया. इसके बाद लगातार विकेट गिरने से वह लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचने में असफल रही.

हर्षल पटेल ने चार ओवरों में 28 रन देकर चार विकेट निकाले. इस प्रदर्शन पर उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.

हर्षल पटेल ने कहा, "पिछले तीन-चार मैचों में हम कहीं ना कहीं चूक किए जा रहे थे. इसलिए आज एकजुट होकर प्रदर्शन करना बेहद ज़रूरी था. मैंने अपनी गेंदबाज़ी में गति में लगातार मिश्रण किया. मैंने धोनी को लेंथ गेंद डालने का लगातार प्रयास किया और भाग्यशाली रहा, जो वह सीधे कैच पकड़वा गए."

ईशान किशन लौटे रंगत में

ईशान किशन
इमेज कैप्शन, ईशान किशन ने 34 गेंदों में 44 रनों की पारी खेली

ईशान किशन शुरुआत में शतक लगाने के बाद बिलकुल भी लय में खेलते नहीं दिखे हैं. पिछले मैच में तो वह मुंबई इंडियंस के ख़िलाफ़ अंपायर के ग़लत फ़ैसले के कारण लौट गए थे. दीपक चाहर की गेंद पर विकेट के पीछे कैच दिए जाने पर उनके पास डीआरएस लेने का मौक़ा था, ऐसा करने पर वह विकेट पर बने रहते क्योंकि गेंद उनके बल्ले से लगी नहीं थी.

ईशान किशन जिस आक्रामक अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं, उसके उलट उन्होंने शुरुआत में संयमित पारी खेली. पर एक बार विकेट पर जम गए, तब कुछ खुलकर हाथ दिखाया.

उन्होंने 44 रन की पारी खेलकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने 34 गेंदों वाली पारी में पांच चौके और एक छक्का लगाया.

ईशान किशन ने पहले मैच में शतक लगाने के बाद यह सबसे बड़ी पारी खेली है. वह जब अर्धशतक लगाने की तरफ़ बढ़ रहे थे, तभी छक्का लगाने के प्रयास में सैम करन के उम्दा प्रयास से कैच हो गए.

ईशान भले ही अर्धशतक नहीं बना सके, पर उनका इस पारी से मनोबल ज़रूर बढ़ा होगा, जिसका एसआरएच को आगे के मैचों में ज़रूर फ़ायदा मिलेगा.

चेन्नई की हार में टॉस हारने की भी रही भूमिका

दोनों टीमें
इमेज कैप्शन, सीएसके ने ख़राब बल्लेबाज़ी के साथ-साथ ख़राब गेंदबाज़ी भी की

यहां यह तय था कि बाद में गेंदबाज़ी करने वाली टीम को ओस के प्रभाव को झेलना होगा. एसआरएच ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करके सीएसके की मुश्किलें बढ़ा दीं.

सीएसके के बल्लेबाज़ों के ख़राब प्रदर्शन के बाद गेंदबाज़ों को नपी तुली गेंदबाज़ी करने की ज़रूरत थी. लेकिन ओस से गेंद गीली होने पर कोई भी गेंदबाज़ रंगत में गेंदबाज़ी करता नहीं दिखा.

पेस गेंदबाज़ तो लगातार वाइड गेंदें फेंक रहे थे. पथिराना की वाइड गेंदों और नूर अहमद की नो बॉलों ने टीम की दिक्कतों को और बढ़ा दिया. छोटा लक्ष्य रखने पर अनुशासित गेंदबाज़ी करना बेहद ज़रूरी होता है. पर गेंद गीली होने से सटीक गेंदबाज़ी नहीं की जा सकी.

सैम करन ने तो दो ओवरों में 25 रन देकर अन्य गेंदबाज़ों के बनाए दबाव को एकदम से ख़त्म कर दिया. वह ना तो बल्लेबाज़ी में चल सके और ना ही गेंदबाज़ी ढंग की कर सके.

ब्रेविस ने दिखाया कि क्यों कहलाते हैं बेबी एबी

डेवाल्ड ब्रेविस
इमेज कैप्शन, डेवाल्ड ब्रेविस दक्षिण अफ्रीका के लिए दो अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच खेल चुके हैं
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सीएसके हार ज़रूर गई पर उन्हें डेवाल्ड ब्रेविस के रूप में एक शानदार बल्लेबाज़ मिल गया है. उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करके दिखाया कि उन्हें जूनियर एबी डिविलियर्स क्यों कहा जाता है.

उन्होंने 25 गेंदों में 42 रन की पारी खेलने के दौरान एक चौका और चार छक्के लगाए.

कामिंदु मेंडिस के फेंके 12वें ओवर में तीन छक्के लगाकर उन्होंने दिखाया कि वह क्या कर सकते हैं.

हालांकि वह मेंडिस द्वारा लपके बेहतरीन कैच का शिकार बनकर लौटे. हर्षल पटेल पर छक्का लगाने का प्रयास किया पर गेंद धीमी होने के कारण बल्ले पर पूरी तरह से आई नहीं और कामिंदु ने 11 मीटर दौड़ने के बाद फुल लेंथ डाइव लगाकर बेहतरीन कैच पकड़कर ब्रेविस की पारी का अंत कर दिया.

सही मायनों में सीएसके के 20-30 रन पीछे रह जाने की एक वजह यह भी रही.

ब्रेविस को पिछले ही हफ्ते सीएसके टीम में शामिल किया गया है. वह असल में रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर 2.2 करोड़ रुपये में आए हैं.

ब्रेविस दक्षिण अफ्रीका के लिए दो अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच खेल चुके हैं. उन्होंने आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए 10 मैच खेले पर वहां उनका सही उपयोग नहीं हुआ और उन्होंने भी कुछ ख़ास प्रदर्शन नहीं किया था.

चेन्नई सुपरकिंग्स में आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करने वाले खिलाड़ी की कमी महसूस की जा रही थी. लेकिन ब्रेविस के साथ आयुष म्हात्रे के आने से यह कमी ख़त्म हो गई है.

म्हात्रे ने पिछले मैच की तरह इस बार भी अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया और 19 गेंदों में छह चौकों से 30 रन बनाए. इन दोनों के आने से बल्लेबाज़ी में असर पड़ा है और इन दोनों को इस साल मिलने वाले अनुभव का अगले साल फायदा मिल सकता है.

अभिषेक-हेड का नहीं चलना परेशानी का सबब

अभिषेक शर्मा
इमेज कैप्शन, अभिषेक शर्मा शून्य पर आउट हुए

एसआरएच यह मैच जीत ज़रूर गई पर उनकी ख़ामियां भी जस की तस बनी हुई हैं.

पिछले साल उनकी सफलताओं में अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड की ओपनिंग जोड़ी का ताबड़तोड़ अंदाज़ में रन बनाना अहम रहा था.

इस साल यह जोड़ी रंगत में नहीं खेल पा रही है. इसमें टीम की रणनीति की भी अहम भूमिका है.

उन्होंने पहली ही गेंद से ताबड़तोड़ रन बनाने की रणनीति अपनाई हुई है, जिसकी वजह से यह जोड़ी चल नहीं पा रही है.

बेहतर हो कि एक-दो ओवर विकेट को समझने के बाद बड़े शॉट खेलना टीम की क़िस्मत बदल सकता है.

इस ओपनिंग जोड़ी के जल्दी आउट होने से अन्य बल्लेबाज़ों पर भी दबाव बन रहा है, इस कारण ही टीम जिस तरह के बड़े स्कोर बनाने के लिए जानी जाती है, वह नहीं बना पा रही है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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