यशस्वी जायसवाल और असिथा फ़र्नांडो को आईसीसी ने दी ये सज़ा

यशस्वी जायसवाल

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, यशस्वी जायसवाल ने पहली पारी में 45 रन बनाए हैं
प्रकाशित
पढ़ने का समय: 3 मिनट

दूसरे टेस्ट मैच में नोंकझोंक को लेकर आईसीसी ने भारत के सलामी बल्लेबाज़ी यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज़ गेंदबाज़ असिथा फ़र्नांडो पर मैच फ़ीस का 25 फ़ीसदी जुर्माना लगाया है.

इसके साथ ही आईसीसी ने दोनों खिलाड़ियों को एक डीमेरिट पॉइंट दिया है.

कोलंबो में चल रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन रविवार को जब 45 रनों पर जायसवाल को फ़र्नांडो ने क्लीन बोल्ड किया तो दोनों के बीच नोंकझोंक देखने को मिली.

नोंकझोंक की घटना पर जायसवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि लोगों को इस घटना पर फ़ैसला देने से पहले यह जानना चाहिए कि फर्नांडो ने उनसे क्या कहा था.

भारत ने पहले टेस्ट मैच में श्रीलंका को हराया था जिसके बाद वो दो टेस्ट मैचों की सिरीज़ में 1-0 से आगे है.

आईसीसी ने क्या फ़ैसला लिया?

यशस्वी जायसवाल

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, आईसीसी ने दोनों खिलाड़ियों को एक-एक डिमेरिट पॉइंट दिया है

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने एक बयान जारी किया है जिसमें उसने बताया है कि "कोलंबो में दूसरे आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप मैच के पहले दिन हुई घटना के बाद आईसीसी ने भारत के बल्लेबाज़ी यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के गेंदबाज़ असिथा फ़र्नांडो पर जुर्माना लगाया है."

"दोनों खिलाड़ियों को आईसीसी के प्लेयर्स और प्लेयर सपोर्ट स्टाफ़ के लिए कोड ऑफ़ कंडक्ट के आर्टिकल 2.12 को तोड़ने का दोषी पाया गया, जो 'किसी प्लेयर, प्लेयर सपोर्ट स्टाफ़, अंपायर, मैच रेफ़री या किसी दूसरे व्यक्ति (इंटरनेशनल मैच के दौरान दर्शक सहित) के साथ ग़लत फ़िज़िकल कॉन्टैक्ट' से जुड़ा है."

"इस वजह से जायसवाल और फ़र्नांडो पर उनकी मैच फ़ीस का 25 फ़ीसदी जुर्माना लगाया गया और उन्हें एक-एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया."

आईसीसी ने ये भी बताया है कि दोनों खिलाड़ियों ने पिछले 24 महीने में कोई भी ग़लती नहीं की थी.

किस तरह की थी नोंकझोंक

असिथा फ़र्नांडो

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, असिथा फ़र्नांडो ने जायसवाल को क्लीन बोल्ड किया था
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
Dinbhar: आवाज़ वही, अंदाज़ नया

देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां.

एपिसोड

समाप्त

आईसीसी ने बताया है कि "यह घटना भारत की बैटिंग इनिंग्स के 17वें ओवर में हुई जब फ़र्नांडो ने जायसवाल को आउट किया. भारत का बल्लेबाज़ फ़र्नांडो की तरफ़ गया और दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद फ़र्नांडो ने अपना सिर जायसवाल की तरफ़ बढ़ाया. जवाब में जायसवाल झुके, जिससे उनके सिर टकरा गए."

"दोनों खिलाड़ियों ने अपनी ग़लती मान ली और मैच रेफ़री के एमिरेट्स आईसीसी एलीट पैनल के एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा बताई गई सज़ा को मान लिया, इसलिए फ़ॉर्मल सुनवाई की कोई ज़रूरत नहीं पड़ी."

वहीं यशस्वी जायसवाल ने असिथा फर्नांडो के साथ हुई तीखी बहस को लेकर हो रही आलोचना का जवाब दिया है.

उन्होंने कहा कि लोगों को इस घटना पर फ़ैसला देने से पहले यह जानना चाहिए कि फ़र्नांडो ने उनसे क्या कहा था.

इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए क्रिकबज़ के एक वीडियो पर कमेंट करते हुए जायसवाल ने लिखा, "अगर आपको नहीं पता कि उसने क्या कहा, तो कृपया फ़ैसला न करें. अगर कोई हद पार करता है, तो हमें उसे बताना होगा कि भारत लड़ेगा और जवाब देगा."

उल्लेखनीय है कि जायसवाल ने जिस वीडियो पर कमेंट किया, उसमें जाने-माने कमेंटेटर हर्षा भोगले कह रहे थे कि जायसवाल के लिए सबसे आसान तरीक़ा यही होता कि वो बस वहां से चले जाते.

वहीं भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने इस घटना पर कहा है कि ये चीज़ें मायने नहीं रखती हैं क्योंकि ये सब होता रहता है और आपको आगे बढ़ना होता है.

उन्होंने कहा, "आपको सकारात्मक पक्ष को देखना चाहिए, मैं सकारात्मक व्यक्ति हूं. नकारात्मक चीज़ें होती हैं. यह ठीक है, हर खिलाड़ी का अपना कैरेक्टर होता है. अगर वह इसी तरह खेलना चाहता है, तो उसे गुड लक."

"लेकिन क्रिकेट बोर्ड को देखना होगा कि अगर वो एक लाइन खींचते हैं तो खिलाड़ी उसे पार न कर सकें. बाकी वो सब कर सकते हैं तब तक जब तक वो क्रिकेट का नाम न ख़राब कर रहे हों."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें

BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह

कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.