भारत को हराकर इंग्लैंड ने जीती सिरीज़, भारतीय बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन पर आईपीएल शैली की चर्चा

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- Author, माइक पीटर
- पदनाम, बीबीसी स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट
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इंग्लैंड ने भारत के ख़िलाफ़ पहली बार टी-20 सिरीज़ जीती, जबकि भारत को टी-20 मैचों में लगातार पांचवीं हार का सामना करना पड़ा.
ब्रिस्टल में चौथे टी-20 मैच में भारत ने इंग्लैंड को 159 रन का लक्ष्य दिया था. इंग्लैंड के फिल सॉल्ट और कप्तान हैरी ब्रूक ने दूसरे विकेट के लिए नाबाद 144 रन की साझेदारी की. इस साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड ने 13.5 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया.
ब्रूक ने 35 गेंदों पर 79 रन बनाए, जबकि सॉल्ट ने पहली नौ गेंदों पर कोई रन नहीं बनाने के बावजूद 42 गेंदों पर 59 रन की पारी खेली.
पांच मैचों की सिरीज में इंग्लैंड ने अब 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है. चेस्टर-ले-स्ट्रीट में पहला मैच बारिश के कारण रद्द होने के बाद इंग्लैंड ने अगले तीनों मुक़ाबले प्रभावशाली अंदाज़ में जीते.
भारत की लगातार हार और इस सिरीज़ से पहले आयरलैंड के ख़िलाफ़ मिली दो अप्रत्याशित हारों ने श्रेयस अय्यर पर दबाव बढ़ा दिया है, जिन्होंने जून की शुरुआत में भारत की टी-20 कप्तानी संभाली थी.
टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला करने वाले श्रेयस ने चौथे नंबर पर 49 गेंदों में नाबाद 80 रन की जुझारू पारी खेली, लेकिन उन्हें बाक़ी बल्लेबाज़ों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला और भारत 158-7 तक ही पहुँच सका.
पिछले दो मैचों की तरह इस बार भी भारतीय बल्लेबाज़ों ने जल्दबाज़ी में हवाई शॉट खेले, जो सीधे इंग्लैंड के फील्डर्स के हाथों में गए.
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी सबसे पहले आउट हुए. उन्होंने जोफ्रा आर्चर की गेंद को हवा में खेला और सैम करन ने उनका कैच पकड़ लिया. उन्होंने 15 रन बनाए.
कप्तान के अलावा शिवम दुबे ही ऐसे बल्लेबाज़ रहे जो दहाई के शुरुआती अंकों से आगे बढ़ सके. उन्होंने 23 गेंदों में 22 रन बनाए और श्रेयस के साथ चौथे विकेट के लिए 53 रन जोड़े.
इसके बाद उन्होंने विल जैक्स की गेंद पर लॉन्ग-ऑन में टॉम बैंटन को कैच दे दिया.
2-20 के आंकड़ों के साथ गेंदबाजी समाप्त करने वाले आर्चर ने भारत की पारी का अंत शानदार फुटवर्क से किया. उन्होंने गेंद को पैर से स्टंप की ओर मोड़कर नॉन-स्ट्राइकर छोर से दौड़ रहे अक्षर पटेल को रन आउट कर दिया.
सिरीज़ का आख़िरी मैच शनिवार को साउथैम्पटन में खेला जाएगा, जहाँ लगातार दो बार के टी-20 विश्व चैंपियन भारत की कोशिश होगी कि पांच मैचों की टी-20 सिरीज में कम से कम एक जीत हासिल हो.

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ब्रिस्टल में श्रेयस पर बढ़ा दबाव

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ब्रिस्टल की तपती शाम के बाद नए कप्तान श्रेयस अय्यर अब भारतीय मीडिया और क्रिकेट प्रशंसकों की कड़ी आलोचना के दायरे में होंगे.
31 वर्षीय श्रेयस को आयरलैंड दौरे से पहले भारत का टी-20 कप्तान बनाया गया था, जबकि उन्होंने 2023 के बाद कोई टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला था. उन्होंने सूर्यकुमार यादव की जगह ली, जिन्होंने मार्च में भारत को टी-20 विश्व कप जिताया था. ये भारत की लगातार दूसरी टी-20 वर्ल्ड कप जीत थी. 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने फ़ाइनल में दक्षिण अफ़्रीका को हराकर टी-20 वर्ल्ड कप जीता था.
श्रेयस ने 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को आईपीएल खिताब दिलाया और 2025 में पंजाब किंग्स को उपविजेता बनाया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तानी उनके लिए कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हुई है.
कप्तान के रूप में अपने पहले ही मैच में भारत को आयरलैंड के ख़िलाफ़ पहली बार हार का सामना करना पड़ा. दूसरे मुक़ाबले में एक रन की हार के साथ टीम सिरीज़ भी गंवा बैठी.
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहला टी-20 बारिश के कारण रद्द हो गया, लेकिन उसके बाद के तीनों मैचों में भारत पूरी तरह पिछड़ता नज़र आया.
ओल्ड ट्रैफर्ड में चार विकेट से हारने के बाद भारत को ट्रेंट ब्रिज में रिकॉर्ड 125 रन से हार मिली, जबकि ब्रिस्टल में टीम नौ विकेट से हार गई. टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत इससे पहले सिर्फ़ चार बार ही नौ विकेट से हारा था.
आईपीएल की बल्लेबाज़ी के अनुकूल पिचों से बाहर भारतीय बल्लेबाज़ असहज दिखे. वे तेज़ रन बनाने की कोशिश में लगातार बड़े शॉट खेलते रहे, लेकिन सफल नहीं हो सके.
भारत के पहले छह विकेट हवा में खेले गए शॉट पर कैच आउट हुए. ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और वॉशिंगटन सुंदर भी आसान कैच देकर लौटे, जबकि टीम एक बार फिर शॉर्ट गेंदों के ख़िलाफ़ संघर्ष करती दिखी.
पूर्व विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने कहा कि भारत की बल्लेबाज़ी में कोई योजना नहीं दिख रही है और वह समझ नहीं पा रहे कि टीम किस दिशा में जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत अंतिम दो ओवरों में केवल आठ रन ही बना सका.
दूसरी ओर, भारत का अस्थायी गेंदबाज़ी आक्रमण भी इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को रोकने में नाकाम रहा, क्योंकि जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या दोनों को इस सिरीज़ के लिए आराम दिया गया है.

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इंग्लैंड का टी-20 में अच्छा प्रदर्शन जारी
जहां एक ओर श्रेयस अय्यर पर दबाव बढ़ रहा है, वहीं इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम को कुछ राहत महसूस हो रही होगी. हाल ही में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ हारने के बाद उनके भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे थे.
अब उनकी टी-20 टीम पिछले 22 मैचों में 19 जीत दर्ज कर चुकी है. भारत के ख़िलाफ़ पहली बार टी-20 सिरीज़ जीतने के बाद इंग्लैंड का खेमा 'द हंड्रेड' के लिए एक महीने के ब्रेक पर उम्मीद से कहीं अधिक सकारात्मक माहौल में जाएगा.
फिल सॉल्ट ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ थे और इस मैच में भी उन्होंने शानदार बल्लेबाज़ी की, जबकि लगातार दूसरे मैच में उन्हें पहले ओवर में एक भी रन नहीं बनाने दिया गया.
तीसरे ओवर में हैरी ब्रूक उनके साथ जुड़े और दोनों ने मिलकर पावरप्ले के अंत तक टीम का स्कोर 62/1 पहुँचा दिया.
इसके बाद उन्होंने तेज़ी से रन बटोरे और आठवें से दसवें ओवर के बीच 52 रन जोड़कर मैच भारत की पहुँच से बाहर कर दिया.
ब्रूक ने अपनी विस्फोटक पारी में चार छक्के और आठ चौके लगाए. वॉशिंगटन सुंदर के आठवें ओवर में उन्होंने लगातार चार चौके भी जड़े.
इंग्लैंड की ओर से सिर्फ़ जोस बटलर ही आउट हुए. उन्होंने अर्शदीप सिंह की गेंद पर विकेटकीपर को कैच थमा दिया और आठ रन बनाकर लौटे.
35 वर्षीय बटलर की फॉर्म इंग्लैंड के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. अपनी पिछली 18 टी-20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में उनका औसत सिर्फ 15.16 रहा है और इस दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर 39 रन है.
शनिवार को होने वाले आख़िरी मैच में इंग्लैंड के पास तेज़ गेंदबाज़ जोफ्रा आर्चर और जोश टंग को आराम देने का विकल्प होगा.
हालांकि इंग्लैंड यह मुक़ाबला भी जीत जाता है, तो वह टी-20 विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंच जाएगा.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.


















