क्या ये हैं वो ऑलराउंडर, जिनकी टीम इंडिया को तलाश है?

रोहित शर्मा
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    • Author, विधांशु कुमार
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी के लिए
  • प्रकाशित

आईपीएल 2024 के सीज़न में अब तक बड़े स्कोर और बल्लेबाज़ों का जलवा देखने को मिला है.

मगर गुरुवार रात हैदराबाद के दो अनुभवी गेंदबाज़ों ने एक लगभग हारा हुआ मैच अपनी टीम को जिता दिया.

इस मैच में एक उभरते हुए खिलाड़ी ने भी शानदार प्रदर्शन किया और टीम इंडिया के दरवाज़े पर दस्तक दे दी.

हैदराबाद में खेले गए मैच में नीतीश रेड्डी की शानदार बैटिंग की मदद से हैदराबाद ने 201 रन बनाए.

जवाब में राजस्थान स्कोरिंग रेट से कदमताल करते हुए लगभग 15 ओवरों तक उसके साथ चली और लगातार सातवीं बार सफलता के साथ स्कोर का पीछा करते हुए दिखी.

मगर आख़िरी के कुछ ओवरों में पैट कमिंस और भुवनेश्वर कुमार ने पासा पलट दिया और हैदराबाद को एक रन से जीत दिलाई.

हैदराबाद

हैदराबाद की सबसे धीमी शरुआत

टॉस जीतकर सनराइज़र्स ने पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया.

हैदराबाद के मैदान पर बॉल पिच पर ग्रिप कर रही थी, जिसकी वजह से हैदराबाद के आक्रामक ओपनर्स के बल्लों ने भी खामोश शुरुआत की.

पारी की पहली ही गेंद पर ट्रैविस हेड को जीवनदान मिला, जब आवेश ख़ान की बॉलिंग पर रियान पराग ने कैच गिरा दिया.

पहले तीन ओवर में हैदराबाद ने बिना विकेट खोए 21 रन बना लिए. लेकिन अगले ही ओवर में आवेश ख़ान को सफलता मिली, जब उन्होंने अभिषेक शर्मा को डीप मिडविकेट पर कैच आउट करवाया.

सनराइज़र्स ने अगले ओवर में अनमोलप्रीत का विकेट भी गंवा दिया और पावरप्ले के बाद उनका स्कोर था 37 रन पर दो विकेट.

ये इस पूरे सीज़न उनका सबसे धीमा पावरप्ले था, इससे पहले पंजाब के ख़िलाफ़ उन्होंने पहले 6 ओवर में 40 रन बनाए थे.

नीतीश रेड्डी
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नीतीश रेड्डी को ग्रूम करने की ज़रूरत

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नीतीश रेड्डी इस सीज़न के उभरते खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हैं और इस बार उन्हें जल्दी ही बैटिंग करने का मौका मिला.

नीतीश ने ट्रैविस हेड और हेनरिक क्लासेन के साथ मिलकर दो बड़ी साझेदारियां बनाई. उनके आने के साथ ही ट्रैविस बेड का बल्ला भी चलने लगा और दोनों ने जल्द 50 रनों की साझेदारी पूरी कर ली.

13वें ओवर में हेड ने इस सीजन का अपना चौथा अर्धशतक पूरा किया. हालांकि हेड उसके तुरंत बाद 58 रन बनाकर आउट हो गए लेकिन उन्होंने रेड्डी के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 96 रनों की पार्टनरशिप की और हैदराबाद को मुश्किल परिस्थिति से निकाल लिया.

इसी दौरान रेड्डी ने भी अपना अर्धशतक पूरा कर लिया.

हैदराबाद को अब आख़िरी 5-6 ओवरों में तेज़ रनों की ज़रूरत थी और यहां पर भी रेड्डी ने समझदार बैटिंग का परिचय दिया.

ख़राब गेंद को तो वो ठिकाने लगा ही रहे थे, उन्होंने अब ज्यादा स्ट्राइक क्लासेन को देने की कोशिश की.

क्लासेन ने भी निराश नहीं किया और सिर्फ़ 19 गेंद पर 42 रन बनाकर वो नॉट आउट रहे.

नीतीश रेड्डी ने 42 गेंदों पर 76 रन बनाए जिसमें 3 चौके और 8 लंबे छक्के शामिल रहे.

नीतीश रेड्डी
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नीतीश रेड्डी ने क्या कहा?

इन दोनों की आक्रामक बैटिंग की मदद से हैदराबाद ने 20 ओवरों में 201 रन पूरे कर लिए. आखिरी 10 ओवरों में हैदराबाद ने 126 रन जोड़े और शुरआती धीमी बल्लेबाज़ी की भरपाई करने की पूरी कोशिश की.

रेड्डी ने ट्रैविस हेड और हेनरिक क्लासेन के साथ मिलकर शानदार बैटिंग की.

नीतीश ने अपनी उम्र और अनुभव से बेहतर क्रिकेट की समझ का परिचय दिया.

उन्होंने अपनी पारी के बाद कहा, ''जब मैंने 11 गेंद पर 11 रन बनाए तो खुद से कहा कि अब लंबी पारी खेलने का वक़्त है और मैं जल्द ही रनरेट भी सुधार लूंगा. ट्रैविस हेड के साथ बैटिंग मैंने काफी इन्जॉय की और जब वो साथ खेल रहे होते हैं तो दूसरी छोर पर भी गेंदबाज़ गलतियां कर देते हैं. मैं ऐसे ही मौकों की तलाश में था और उसका मुझे फायदा मिला. वहीं क्लासेन के साथ बैटिंग का मंत्र है कि ज्यादा से ज्यादा स्ट्राइक उन्हें दें क्योंकि वो ज़बरदस्त हिटर हैं.''

नीतीश रेड्डी ने इस पारी में टी-20 करियर और आईपीएल में अपना सर्वाधिक स्कोर बनाया. उनकी बैटिंग की तारीफ़ सुनील गावस्कर और साइमन कैटिच ने भी की.

कैटिच ने कहा कि रेड्डी भारतीय टीम में एक शानदार कड़ी हो सकते हैं.

सुनील गावस्कर
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गावस्कर ने क्या कहा?

सुनील गावस्कर ने कमेंट्री के दौरान कहा, ''ये बेहतरीन प्रतिभा है और शायद ये ऐसे खिलाड़ी हैं, जिसकी भारतीय टीम को तलाश है. वो 5 या 6 नंबर पर बैट कर सकते हैं और अच्छी मीडियम पेस बॉलिंग भी करते हैं.''

रेड्डी के लिए ख़ास बात ये भी है कि जब भी हैदराबाद की बैटिंग दबाव में आई है, उन्होंने रन बनाए हैं.

गावस्कर मानते हैं कि रेड्डी जैसे खिलाड़ी को तैयार करने की ज़रूरत है ताकि वो जल्द ही भारतीय टीम का हिस्सा बन सके.

मौजूदा भारतीय टीम में हार्दिक पांड्या के रूप में तेज़ बॉलिंग ऑलराउंडर मौजूद है और टीम को उनकी जैसी दूसरी प्रतिभाओं की ज़रूरत है ताकि जब वो खराब फॉर्म में हों तो टीम के पास विकल्प मौजूद रहे.

इस आइपीएल सीज़न में चेन्नई के शिवम दुबे और हैदराबाद के नीतीश रेड्डी इस भूमिका में दूसरों से आगे दिखे हैं.

भुवनेश्वर कुमार
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जयसवाल और पराग ने पारी संभाला

जब रॉयल्स ने अपनी बैटिंग शुरू की तो इससे ख़राब शुरुआत के बारे में उन्होंने सोचा भी नहीं होगा.

पारी की पहली ही गेंद पर इम्पैक्ट खिलाड़ी जॉस बटलर गोल्डन डक पर आउट हो गए.

भुवनेश्वर कुमार की आउटस्विंगर गेंद पर वो स्लिप में कैच थमा बैठे.

भुवी ने इसके बाद सैमसन को एक आउटस्विंगर देकर छकाया और अगली गेंद पर तेज इन स्विंगर से उनका स्टंप्स बिखेर दिया. पहले ही ओवर में हैदराबाद ने दो बड़े विकेट खो दिए थे.

लेकिन इसके बाद यशस्वी जयसवाल और रियान पराग ने राजस्थान की पारी को संभाला. हालांकि दोनों को एक-एक जीवनदान भी मिला लेकिन उन्होंने स्कोरिंग रेट को कम नहीं होने दिया और लगभग 10 की औसत से हर ओवर में रन बनाने लगे.

शुरआती झटकों के बावजूद रॉयल्स ने 6 ओवरों में 60 रन बना लिए. जयसवाल और पराग दोनों ने अर्धशतक भी पूरा कर लिया और राजस्थान को इस रनचेज़ में आगे कर दिया.

भुवनेश्वर कुमार
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हैदराबाद के गेंदबाज़ों का अनुभव काम आया

आख़िरी ओवरों में टाइमआउट ब्रेक के दौरान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन और बैटिंग कोच संगाकारा भी मैदान पर आए.

दोनों ने क्रीज पर जमे हुए जयसवाल और पराग से कुछ बात की, शायद वो उन्हें आख़िर तक डटे रहने की सलाह दे रहे थे.

अगर उन्होंने ऐसा कहा भी तो उसका असर नहीं हुआ क्योंकि ब्रेक के तुरंत बाद जयसवाल स्कूप करने की कोशिश में बोल्ड आउट हो गए.

एक तरह से उन्होंने अपना विकेट हैदराबाद को गिफ्ट कर दिया था. जयसवाल ने 40 गेंदों पर 67 रन बनाए.

इस विकेट के बाद से हैदराबाद ने मैच में वापसी शुरू की. दो ओवर बाद उन्हें दूसरी बड़ी सफलता मिली जब हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने मार्को यानसेन के हाथों रियान पराग को कैच आउट करवाया.

पराग ने 49 गेंदों पर 77 रनों की पारी खेली.

कमिंस ने हैदराबाद के लिए 19वां ओवर डाला और बेहतरीन गेंदबाजी की.

हालांकि इस ओवर की आख़िरी गेंद पर रॉवमैन पॉवेल ने छक्का भी लगाया लेकिन इस ओवर में महज़ 7 रन आए.

मैच के आख़िरी ओवर में गेंद भुवनेश्वर कुमार के हाथों में थी. राजस्थान को जीत के लिए 6 बॉल पर 13 रनों की ज़रूरत थी.

पॉवेल और अश्विन ने 5 गेंदों पर 11 रन बना लिए और अब आख़िरी गेंद पर उन्हें 2 रनों की ज़रूरत थी.

सिर्फ एक रन बनने से भी मैच सुपर ओवर में चला जाता लेकिन कुमार के इनस्विंगिग यॉर्कर ने पॉवेल को पगबाधा आउट करवा दिया. हैदराबाद एक रन से मैच जीत गई.

भुवनेश्वर को 4 ओवर में 41 रन देकर 3 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच का खिताब मिला.

टीवी पर ब्रॉडकास्टर्स के साथ शो करते हुए शेन वॉटसन ने भुवी की बॉलिंग पर कहा, ''हमने आज पुराने भुवी को देखा. वो पहली ही गेंद से कुछ अलग लग रहे थे. वो दोनों तरफ़ स्विंग करा रहे थे और अपने ठंडे दिमाग का इस्तेमाल बखूबी कर रहे थे.आख़िरी ओवर में उन्होंने जबरदस्त दबाव में प्रदर्शन करके दिखाया और बताया कि इस टीम में वो कितनी अहमियत रखते हैं.''

हैदराबाद की इस जीत में पैट कमिंस और भुवनेश्वर कुमार का अनुभव खूब काम आया. दोनों ने एक तरह से हारे हुए मैच में हैदराबाद के सिर जीत का सेहरा बांध दिया.

इस जीत के साथ हैदराबाद के पास 12 अंक हो गए हैं और सनराइज़र्स ने टॉप चार में वापसी कर ली है.

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