महाराष्ट्र: ज़िंदा शख़्स ने अपने अंतिम संस्कार से जुड़ी क्रिया क्यों कराई?
महाराष्ट्र: ज़िंदा शख़्स ने अपने अंतिम संस्कार से जुड़ी क्रिया क्यों कराई?
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर ज़िले के सौंदाला गांव के सरपंच शरद आरगडे ज़िंदा रहते हुए अपनी दसवीं कराई.
इसके पीछे उनका मक़सद उस अंधविश्वास को ख़त्म करना था, जिसमें ये माना जाता है कि दसवीं के खाने को अगर कौआ नहीं छूता है, तो मरने वाले की आत्मा को मुक्ति नहीं मिलती.
शरद आरगडे ने ज़िंदा रहते हुए अपनी दसवीं कराई, इसलिए कई लोगों को लग रहा था कि कौआ खाने के लिए नहीं आएगा. हालांकि, जब कौए ने उनकी दसवीं का खाना छुआ, तो कई लोग हैरान रह गए.
रिपोर्ट: श्रीकांत बंगाले
शूट: किरण सकाले
एडिट: अरविंद पारेकर
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.



