ईरान-अमेरिका युद्धविराम पर इसराइल के रुख़ को लेकर सस्पेंस

बिन्यामिन नेतन्याहू के कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक़ सीज़फ़ायर की शर्तों में लेबनान पर हमले रोकने वाली बात शामिल नहीं है

इमेज स्रोत, Ronen Zvulun / POOL / AFP via Getty Images

इमेज कैप्शन, बिन्यामिन नेतन्याहू के कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक़ सीज़फ़ायर की शर्तों में लेबनान पर हमले रोकने वाली बात शामिल नहीं है
    • Author, डेनियल डे सिमोन
    • पदनाम, यरूशलम से
  • पढ़ने का समय: 3 मिनट

अमेरिका-ईरान युद्धविराम में लेबनान पर हमले रोकना भी शामिल है या नहीं इसे लेकर साफ़ टकराव सामने आया है.

ईरान ने और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ दोनों ने ही कहा है कि ये समझौता लेबनान पर भी लागू होता है.

पाकिस्तान ने ही इस सीज़फ़ायर में मध्यस्थता की भूमिका निभाई है.

लेकिन इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये युद्धविराम 'लेबनान को शामिल नहीं करता.'

लेबनान में इसराइल, ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह के खिलाफ लड़ रहा है.

इस अहम मुद्दे पर अभी और स्पष्टता आनी बाकी है.

लेबनान पर इसराइली हमले

तेल अवीव में ईरान और लेबनान में इसराइली हमलों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हुआ (तस्वीर: 4 अप्रैल)

इमेज स्रोत, Ori Aviram / Middle East Images / AFP via Getty Images

इमेज कैप्शन, तेल अवीव में ईरान और लेबनान में इसराइली हमलों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हुआ (तस्वीर: 4 अप्रैल)

हाल के हफ्तों में इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में ज़मीनी सैन्य बल भेजे हैं और कहा है कि लितानी नदी के दक्षिण वाले इलाके पर उसका नियंत्रण तब तक बना रहेगा, जब तक हिज़्बुल्लाह के किसी भी ख़तरे को पूरी तरह ख़त्म नहीं कर दिया जाता.

इसराइल ने लेबनान में उन इलाक़ों में बड़े पैमाने पर हमला किया है जहां उसके मुताबिक़ हिज़्बुल्लाह का कब्ज़ा है. वहां इन इसराइली हमलों से कई घर और गांव तबाह हो गए हैं. इसकी वजह से लाखों लोग विस्थापित हुए हैं. इसराइल ने कहा है कि हिज़्बुल्लाह के हटने तक उन्हें लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

युद्धविराम की घोषणा से ठीक पहले, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि दक्षिणी लेबनान के सैदा शहर पर इसराइली हमले में 8 लोगों की मौत हुई और 22 लोग घायल हुए.

पिछले कुछ हफ्तों में हिज़्बुल्लाह भी लगातार इसराइल पर रॉकेट दागता रहा है.

विपक्षी नेता ने की नेतन्याहू की आलोचना

इसराइल में विपक्ष के नेता याएर लापिड

इमेज स्रोत, EPA/Shutterstock

इमेज कैप्शन, इसराइल में विपक्ष के नेता याएर लापिड ने मौजूदा हालात को इसराइल के लिए 'राजनीतिक आपदा' बताया

इसराइल में विपक्ष के नेता याएर लापिड ने युद्ध को संभालने के तरीके को लेकर प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की आलोचना की है.

यह प्रतिक्रिया उस बयान के बाद आई, जिसमें इसराइली प्रधानमंत्री ने रात में राष्ट्रपति ट्रंप के युद्धविराम वाले क़दम का समर्थन किया.

नेतन्याहू के कार्यालय का कहना है कि दो हफ़्ते का युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होगा, जबकि ईरान और पाकिस्तान दोनों कह रहे हैं कि यह वहां भी लागू होगा.

लापिड ने इस स्थिति को इसराइल के लिए 'राजनीतिक आपदा' बताया है.

विपक्ष के नेता ने कहा, "हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के मूल मुद्दों पर जब फ़ैसले लिए गए, तब इसराइल बातचीत की मेज पर था ही नहीं."

उन्होंने कहा, "सेना ने उससे जो भी कहा गया, वह सब किया. जनता ने बेहद मज़बूत धैर्य दिखाया, लेकिन नेतन्याहू राजनीतिक रूप से विफल रहे, रणनीतिक स्तर पर विफल रहे, और उन्होंने खुद जो लक्ष्य तय किए थे, उनमें से कोई भी हासिल नहीं कर सके."

इसराइली सेना की चेतावनी

शॉर्ट वीडियो देखिए
वीडियो कैप्शन, युद्ध रोकने पर अमेरिका-ईरान राज़ी, पाकिस्तान क्या बोला?

इस बीच इसराइली सेना ने लेबनान के दक्षिणी शहर टायर में रहने वाले लोगों को फ़ौरन शहर खाली करने को कहा है.

उसने लोगों से कहा है कि वे 'तुरंत अपने घर खाली करें' और 'अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए' ज़हरानी नदी के उत्तर की ओर चले जाएं

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित