मुंह पर टेप लगाकर मैच खेलने क्यों आए थे पोलार्ड?

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मुंह पर टेप लगाकर मैच खेलने क्यों आए थे पोलार्ड?

एक ऐसा ऑल राउंडर जो अपनी तेज़ तर्रार बैटिंग और किफायती बॉलिंग से कई बार सामने वाली टीम को चुप कर देता था.

लेकिन एक मैच में ऐसा कुछ हुआ कि ये प्लेयर अपने ही मुंह पर टेप लगाकर आ गया. प्लेयर का नाम है कैरॉन पोलार्ड और ये कहानी है साल 2015 में हुए मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु मैच की.

मुंबई इंडियंस की टीम पहले बैटिंग के लिए आई. उन्होंने 209 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया,

हालांकि पोलार्ड का कॉन्ट्रिब्यूशन इसमें महज 5 रन का था. वो जब आउट होकर गए तो बड़े निराश दिख रहे थे.

फिर आरसीबी की तरफ़ से चेज़ करने आए क्रिस गेल भी कुछ अच्छे टच में नहीं दिख रहे थे. इनिंग्स की दूसरी ही बॉल पर उनका कैच छूट गया था. इसी ओवर में वो एक नो बॉल और फिर फ्री हिट का भी फायदा नहीं उठा पाए थे.

ये सब होता देख, पोलार्ड गेल के पास आए और उन्हें चिढ़ाने लगे.

लेकिन ग्राउंड में मौजूद अंपायर को पोलार्ड का ये अंदाज़ अच्छा नहीं लगा और उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया.

फिर क्या था, पोलार्ड ग्राउंड से बाहर गए और कुछ देर बाद मुंह पर टेप लगाकर आ गए. ये उनका साइलेंट प्रोटेस्ट था, अंपायर के खिलाफ.

वो लगभग पूरे मैच में टेप लगाकर ही खेलते रहे. जब उन्हें बात करनी होती तो टेप थोड़ा सा हटाते और दोबारा उसे चिपका देते.

वैसे जब वो मैच का लास्ट ओवर डालने आए, तब उनके मुंह से टेप उतरी हुई थी. इस ओवर में उन्होंने एक विकेट भी लिया और मुंबई 18 रनों से इस मैच को जीती.

मैच के बाद पोलार्ड ने कहा कि

"मैं क्रिस गेल के साथ दोस्ताना तरीके से नोकझोंक कर रहा था. लेकिन अंपायर को लगा कि मैं उन्हें परेशान कर रहा हूं. इसलिए मैं अपने मुंह पर टेप लगाकर आ गया. यह दिखाने के लिए अगर मुझे कुछ बोलना ही नहीं है तो मैं ग्राउंड में ऐसे रहूंगा."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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