'पाकिस्तान के पास 1979 में थी परमाणु बम की क्षमता'

नवाज़ शरीफ़
इमेज कैप्शन, नवाज़ शरीफ़ के नेतृत्त्व वाली सरकार ने 1998 में परमाणु परीक्षण की जानकारी दी थी
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सोवियत संघ ने 1979 में मित्रवत समाजवादी देशों को बताया था कि पाकिस्तान ने परमाणु बम बनाने की क्षमता हासिल कर ली है.

साथ ही उसने चेतावनी भी दी थी कि अगर परमाणु हथियार अरब देशों के हाथ लग गया तो 'शांति और स्थिरता को गंभीर ख़तरा पैदा हो जाएगा'.

पाकिस्तान में सोवियत संघ के राजदूत अज़ीमोव ने मई 1979 में समाजवादी देशों के राजदूतों को बताया था कि पाकिस्तान 'अगले डेढ़ साल के भीतर' परमाणु बम बना सकता है.

पाकिस्तान में हंगरी के दूतावास ने अपने विदेश मंत्रालय को 17 मई 1979 को भेजे एक टेलीग्राम संदेश में ये जानकारी दी थी.

अमरीका स्थित वुड्रो विल्सन इंटरनेशनल सेंटर फ़ॉर स्कॉलर्स की ओर से 'परमाणु प्रसार के अंतरराष्ट्रीय इतिहास' पर तैयार किए गए एक शोध पत्र में ये दस्तावेज़ शामिल किया गया है.

टेलीग्राम में कहा गया था, "डेरा ग़ाज़ी ख़ान के नज़दीक़ यूरेनियम का भंडार मिलने के बाद इस कार्यक्रम पर काम और तेज़ हुआ है. वे उसके नज़दीक़ ही परमाणु संवर्धन संयंत्र पर काम कर रहे हैं."

टेलीग्राम के मुताबिक़, "राजदूत के अनुसार राजनीतिक और प्रतिष्ठा से जुड़े मसलों को देखते हुए ये माना जा सकता है कि जल्द ही परीक्षण किया जाएगा. परीक्षण कब होगा ये परिस्थितियों पर निर्भर करेगा."

अरब देश

पाकिस्तान का परमाणु विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान
इमेज कैप्शन, पाकिस्तान ने 1970 के दशक से ही परमाणु बम बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया था

टेलीग्राम में मध्य पूर्व के देशों का ज़िक्र करते हुए कहा गया, "सऊदी अरब और लीबिया की मदद से पाकिस्तानी परमाणु कार्यक्रम काफ़ी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. सोवियत आकलन के अनुसार अगर अरब देशों के हाथ परमाणु हथियार लग गया तो ये शांति और स्थिरता के लिए काफ़ी ख़तरनाक होगा."

इसी को देखते हुए सोवियत राजदूत ने समाजवादी देशों के लिए कहा था कि उन्हें मिलकर पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम रोकने की कोशिश करनी चाहिए.

पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम पर विभिन्न सूत्रों से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक़ पाकिस्तान ने 1970 के दशक में परमाणु कार्यक्रम पर ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो के नेतृत्त्व वाली सरकार के दौरान काम शुरू किया था.

मगर पाकिस्तान ने आधिकारिक रूप से परमाणु परीक्षण की घोषणा मई 1998 में भारत के दूसरे परमाणु परीक्षण के बाद की थी.

भारत ने 1974 में पहला परमाणु परीक्षण किया था. इंदिरा गाँधी के नेतृत्त्व वाली सरकार के कार्यकाल में वह परीक्षण हुआ था और उसे 'ऑपरेशन शक्ति' का नाम दिया गया था.

इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्त्व वाली सरकार ने मई में फिर परमाणु परीक्षण किया.

उसके जवाब में मई के अंत में चगाई की पहाड़ियों में पाकिस्तान ने परमाणु परीक्षण किया था. उस समय पाकिस्तान में नवाज़ शरीफ़ के नेतृत्त्व वाली सरकार थी.