मैं और मेरा बंदर!

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इलाहाबाद के राजेंद्र शुक्ला रिक्शे में सामान ढो कर अपना पेट पालते हैं. पर उनके साथ हर दम रहता है उनका बंदर. वो साथ रहते हैं, साथ काम करते हैं और साथ ही आराम भी करते हैं.

बंदर के साथ राजेंद्र शुक्ला
इमेज कैप्शन, इलाहाबाद के राजेंद्र शुक्ला भी देश के उन लाखों लोगों में शामिल हैं जो रिक्शा में सामान ढो कर अपना पेट पालते हैं. लेकिन उनके इस काम में हर दम उनके साथ रहता है उनका एक नन्हा सा दोस्त, उनका बंदर.
बंदर के साथ राजेंद्र शुक्ला
इमेज कैप्शन, साथ रहते हैं, साथ काम करते हैं और साथ ही आराम भी करते हैं.
बंदर के साथ राजेंद्र शुक्ला
इमेज कैप्शन, राजेंद्र शुक्ला महीने में पांच से सात हजार रुपए कमाते हैं, इसी से वो अपना गुजारा चलाते हैं. फिलहाल दोनों बिस्किट का आनंद ले रहे हैं.
बंदर के साथ राजेंद्र शुक्ला
इमेज कैप्शन, चिलचिलाती गर्मी में सड़क पर चलने वालों का प्यास से बुरा हाल होता है, लेकिन राजेंद्र शुक्ला इससे निपटने के लिए बोतल हमेशा अपने साथ रखते हैं.
बंदर के साथ राजेंद्र शुक्ला
इमेज कैप्शन, राजेंद्र शुक्ला अपने इस दोस्त को कभी-कभी जूस भी पिलाते हैं.
बंदर के साथ राजेंद्र शुक्ला
इमेज कैप्शन, राजेंद्र जब अपने रिक्शे में सामान लेकर चलते हैं, तो लगता है कि उनका नन्हा साथी भी अपनी तरफ से मदद करने की कोशिश कर रहा है.
बंदर के साथ राजेंद्र शुक्ला
इमेज कैप्शन, बंदरों को लेकर बच्चों में बहुत कौतूहल होता है. जब बच्चे मिलते हैं तो राजेंद्र बच्चों को अपने बंदर से कुछ इस तरह मिलवाते हैं.