पाकिस्तान में अगर इतिहास की किताबों में बदलाव हुआ तो...
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पाकिस्तान को अगली पीढ़ियों के लिए एक नज़रियाती राष्ट्र साबित करना था.
ऐसा राष्ट्र जो सिर्फ़ मुसलमानों के लिए हो और इसलिए बनाया गया हो ताकि अंग्रेज़ों के साथ-साथ हिंदू राष्ट्र से भी छुटकारा मिल सके. और हम अपनी मर्जी का जीवन बिता सकें. इस चौखटे में ना तो मोहनजोदाड़ो फ़िट होता है और ना ही मंगल पांडे और भगत सिंह ही जमते हैं. तो ऐसा करते हैं कि इतिहास की नई स्कूली किताबों का मुस्लिमीकरण करते हैं.
इतिहास बदलने के तौर-तरीकों पर पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान का व्लॉग.
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