लाइव, चीन ने बाढ़ के बारे में दी जानकारी, बताया तिब्बत में कितने भारतीय लापता

चीनी अधिकारियों ने इन विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी उनके संबंधित देशों के दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को दे दी है.

सारांश

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल

  1. चीन ने बाढ़ के बारे में दी जानकारी, बताया तिब्बत में कितने भारतीय लापता

    तिब्बत में बचावकर्मी

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    इमेज कैप्शन, तिब्बत के शिगात्से में भूस्खलन के बाद तलाशी अभियान के दौरान मलबा हटाते बचावकर्मी

    बुधवार को अचानक आई बाढ़ से तिब्बत में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है. वहीं 546 लोग अब भी लापता हैं.

    चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी के मुताबिक, तिब्बत में बाढ़ के बाद लापता लोगों में 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक हैं.

    लापता लोगों में 49 भारतीय और 15 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं.

    रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने इन विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी उनके संबंधित देशों के दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को दे दी है.

    लापता लोगों से जुड़ी यह जानकारी कई सरकारी एजेंसियों की संयुक्त जांच और आपसी सहयोग के बाद सामने आई है.

    इसमें विदेश मामले, सार्वजनिक सुरक्षा, संस्कृति एवं पर्यटन और आपातकालीन प्रबंधन विभाग शामिल हैं.

  2. नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 675 हुई, 2400 से ज़्यादा लोग लापता

    नेपाल

    इमेज स्रोत, Sameer Shrestha/Anadolu via Getty Images

    इमेज कैप्शन, शनिवार को नेपाल के नुवाकोट ज़िले के बिदुर में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तैनात एम्बुलेंस

    नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 675 हो गई है. वहीं, 2400 से ज़्यादा लोग अब भी लापता हैं.

    बाढ़ के पांचवें दिन भी नेपाल में राहत और बचाव का काम जारी है. नेपाल की डिजास्टर रिस्पॉन्स एजेंसी ने यह जानकारी दी है.

    वहीं, चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी के मुताबिक, शनिवार शाम 6 बजे तक तिब्बत के शिगात्से शहर के ग्यिरोंग काउंटी में मडस्लाइड की वजह से 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 546 लोग लापता हैं. इनमें 226 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.

    अमेरिका ने 36 लाख डॉलर की मदद का एलान किया

    अमेरिका बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए 36 लाख डॉलर की मानवीय सहायता देगा.

    अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इस मदद के तहत 10 हज़ार प्रभावित परिवारों को तीन महीने तक आपातकालीन खाद्य सहायता दी जाएगी.

    विदेश विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा से बढ़कर हमारे लिए कोई प्राथमिकता नहीं है."

    विभाग ने यह भी बताया कि नेपाल और चीन में अमेरिकी दूतावास अमेरिकी नागरिकों की मदद करने और राहत-बचाव के प्रयासों में सहयोग देने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

  3. यूक्रेन: कीएव के पास हथियारों के गोदाम पर रूसी ड्रोन हमला, कम से कम 37 की मौत

    गोला-बारूद का गोदाम

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    इमेज कैप्शन, शनिवार सुबह कीएव के बाहरी इलाक़े में रूस के हमले के बाद एक गोदाम में आग लग गई

    यूक्रेन में सेना के हथियारों के एक गोदाम पर रूस के ड्रोन हमले में 37 लोगों की मौत हो गई है. करीब 400 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है.

    यह हथियारों का गोदाम राजधानी कीएव के बाहरी रिहायशी इलाक़े के पास था.

    शुक्रवार देर रात हुए हमले के बाद गोदाम में रखा गोला बारूद, बारूदी सुरंगें और ड्रोन्स में धमाके होने लगे. धमाकों से आसपास की कई इमारतों को नुक़सान पहुंचा. इनमें बुजुर्गों और विकलांगों की देखभाल के लिए बना एक केंद्र भी शामिल है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने यह जानकारी दी.

    राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि हथियारों का यह भंडार इतनी आबादी के पास बिल्कुल नहीं होना चाहिए था. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जिन्होंने आम नागरिकों के घरों के इतने पास विस्फोटक रखे, उनकी इस लापरवाही की भी जांच होगी.

    कीएव के पास किसी हथियारों के गोदाम पर पिछले कुछ महीनों में यह दूसरा हमला है. इसके बाद एक बार फिर लोगों में गुस्सा बढ़ गया है.

    रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसकी सेना ने कीएव के पश्चिम में स्थित मायला गांव में एक गोला-बारूद के गोदाम को निशाना बनाया था.

    रूस के मुताबिक, इस गोदाम में एफ़पी-1 और एफ़पी-2 लंबी दूरी के ड्रोन के पुर्जे और उन्हें लॉन्च करने वाले बूस्टर रखे हुए थे.

    इस धमाके से गांव के करीब 130 घरों को नुक़सान पहुंचा है.

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