लाइव, ट्रंप ने 'न्यूयॉर्क पोस्ट' से कहा, अमेरिका और ईरान के बीच 'अगले दो दिन में' हो सकती है बातचीत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'न्यूयॉर्क पोस्ट' अख़बार से कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत "अगले दो दिनों में" फिर शुरू हो सकती है.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, सुमंत सिंह

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. ट्रंप ने कहा, अमेरिका और ईरान के बीच 'अगले दो दिन में' हो सकती है बातचीत - रिपोर्ट

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका और ईरान के बीच इससे पहले हुई बातचीत बेनतीजा रही थी

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत "अगले दो दिनों में" फिर शुरू हो सकती है.

    उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा, "अगले दो दिनों में कुछ हो सकता है, और हम वहां (पाकिस्तान) जाने के लिए ज़्यादा इच्छुक हैं."

    यह बयान पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शनिवार को हुई उस बैठक के बाद आया है, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़र क़ालिबाफ़ समेत कई लोग शामिल हुए थे.

    यह बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई थी.

    इससे पहले मंगलवार को ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा था कि ईरान और पाकिस्तान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है, लेकिन अमेरिका के साथ आगे बातचीत करने को लेकर "कोई जानकारी" नहीं है.

  3. अमेरिका का दावा, नाकाबंदी के पहले 24 घंटों में कोई जहाज़ होर्मुज़ से नहीं गुज़रा

    होर्मुज़ से गुज़रता टैंकर

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका का कहना है कि इस नाकाबंदी में 10 हज़ार से ज़्यादा सैनिक शामिल हैं (सांकेतिक तस्वीर)

    अमेरिका का कहना है कि ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाक़ों पर लगाई गई उसकी नाकाबंदी के पहले 24 घंटों में कोई भी जहाज़ इसे पार नहीं कर पाया.

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक़ इस नाकाबंदी में 10 हज़ार से ज़्यादा सैन्य कर्मी, कई युद्धपोत और विमान शामिल हैं.

    सेंटकॉम का कहना है कि छह व्यापारी जहाज़ों ने अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन करते हुए रास्ता बदल लिया और "वापस ईरानी बंदरगाहों की ओर लौट गए".

    यह अपडेट उन ट्रैकिंग आंकड़ों के बाद आया है, जिन्हें बीबीसी ने वेरिफ़ाई किया है. इस डेटा से पता चलता है कि नाकाबंदी शुरू होने के बाद ईरान से जुड़े चार जहाज़ होर्मुज़ स्ट्रेट पार कर चुके हैं.

    सेंटकॉम ने कहा कि यह नाकाबंदी ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी देशों के जहाज़ों पर लागू की जा रही है.

    साथ ही यह भी कहा गया है कि जो जहाज़ ईरान से संबंधित नहीं हैं, उनके लिए वह "समुद्री आवाजाही की आज़ादी" है.

  4. ग़ज़ा: फ़लस्तीनी अधिकारी का दावा, हमास ने हथियार डालने से जुड़ी योजना को ख़ारिज किया, रुश्दी अबूअलोफ़, ग़ज़ा संवाददाता (इस्तांबुल से)

    ग़ज़ा में हमास के लड़ाके

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    इमेज कैप्शन, ग़ज़ा में अक्तूबर में युद्धविराम समझौता लागू हुआ था, लेकिन यह अब तक अगले चरण में नहीं पहुंचा है

    हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग़ज़ा शांति योजना से जुड़े एक वरिष्ठ प्रतिनिधि की हथियार डालने से जुड़ी योजना को ख़ारिज कर दिया है.

    ग़ज़ा शांति वार्ता से जुड़े एक वरिष्ठ फ़लस्तीनी अधिकारी ने बीबीसी को यह जानकारी दी है.

    उन्होंने अमेरिका के नेतृत्व वाले बोर्ड ऑफ़ पीस में ग़ज़ा के उच्च प्रतिनिधि निकोलाय म्लादेनोव पर इसराइल के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगाया.

    पिछले महीने म्लादेनोव ने अक्तूबर में हमास और इसराइल के बीच हुए संघर्षविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत ग़ज़ा के निरस्त्रीकरण का एक ढांचा पेश किया था.

    अधिकारी ने कहा कि हमास ने क्षेत्रीय मध्यस्थों से साफ़ कहा है कि जब तक इसराइल पहले चरण की शर्तों को पूरी तरह लागू नहीं करता, तब तक वह दूसरे चरण की बातचीत में शामिल नहीं होगा.

    इसराइल ने कहा है कि हमास के निरस्त्रीकरण में प्रगति के बिना वह आगे नहीं बढ़ेगा.

    ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण में युद्ध को रोका गया, हमास के पास मौजूद सभी इसराइली बंधकों को इसराइल में क़ैद फ़लस्तीनी कैदियों के बदले रिहा किया गया और इसराइली बलों ने ग़ज़ा से आंशिक वापसी की.

    जनवरी के मध्य में अमेरिका के पश्चिम एशिया दूत स्टीव विटकॉफ़ ने युद्ध ख़त्म करने की ट्रंप की योजना के दूसरे चरण की शुरुआत का एलान किया था, लेकिन तब से इसराइल और हमास के बीच गतिरोध बना हुआ है.

    दूसरे चरण का मक़सद ग़ज़ा के निरस्त्रीकरण और इसराइली बलों की पूरी वापसी के बाद युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करना है.

  5. नोएडा और ग़ाज़ियाबाद में श्रमिकों की सैलरी में तीन हज़ार तक की बढ़ोतरी का एलान

    नोएडा में श्रमिकों का प्रदर्शन

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    इमेज कैप्शन, श्रमिकों ने सोमवार को नोएडा में कुछ जगहों पर तोड़फोड़ की और वाहनों में आग लगा दी

    उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय समिति ने नोएडा और ग़ाज़ियाबाद में श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में अंतरिम बढ़ोतरी का एलान किया है.

    हालिया घटनाक्रमों के बाद सरकार ने 'अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रेणियों' में क़रीब तीन हज़ार रुपये तक वेतन बढ़ाया है.

    सरकार का कहना है कि इससे गौतमबुद्ध नगर और ग़ाज़ियाबाद में वेतन में 21 फ़ीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है. यह बढ़ोतरी एक अप्रैल 2026 से लागू होगी.

    इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने 20 हज़ार रुपये न्यूनतम वेतन से जुड़ीं ख़बरों को भ्रामक बताया है.

    सरकार का कहना है कि श्रमिकों की मांगों और उद्योगों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आगे वेज बोर्ड के माध्यम से स्थायी समाधान की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी.

    सोमवार को नोएडा के इंडस्ट्रियल एरिया में बड़ी तादाद में कामगारों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया. श्रमिकों ने कुछ जगहों पर तोड़फोड़ और पत्थरबाज़ी की और कुछ वाहनों में आग लगा दी.

    श्रमिक वेतन बढ़ाने, बोनस देने, कामकाज का बेहतर माहौल बनाने और वर्किंग प्लेस में यौन उत्पीड़न रोकने के लिए कमेटी बनाने की मांग कर रहे थे.

  6. पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत, होर्मुज़ समेत कई मुद्दों पर चर्चा

    नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, दोनों नेताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई (फ़ाइल फ़ोटो)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ़ोन पर बात की है. इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और होर्मुज़ स्ट्रेट समेत कई मुद्दों पर बात की.

    पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर इस बातचीत की पुष्टि की है.

    उन्होंने लिखा, "मुझे मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फ़ोन आया. हमने विभिन्न क्षेत्रों में हमारे द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की. हम अपने व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को हर क्षेत्र में और मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं."

    प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक़, ट्रंप के साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई.

    उन्होंने कहा, "हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज़ स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित बनाए रखने के महत्व पर ज़ोर दिया."

    अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई बातचीत बेनतीजा होने के बाद अमेरिका ने होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकाबंदी शुरू कर दी है. ईरान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

    होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते दुनियाभर का 20 प्रतिशत ऊर्जा व्यापार होता है.

  7. कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के राजनीतिक सलाहकार को क्यों हटाया गया?, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    सिद्धारमैया

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    इमेज कैप्शन, नसीर अहमद ने हाईकमान के निर्देश के बावजूद इस्तीफ़ा देने से मना कर दिया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के राजनीतिक सलाहकार नसीर अहमद को दावणगेरे विधानसभा उपचुनाव में कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से उनके पद से हटा दिया गया है.

    नसीर अहमद कांग्रेस के दूसरे नेता हैं जिन्हें पद से हटाया गया है. इससे पहले एमएलसी अब्दुल जब्बार को पार्टी की राज्य इकाई के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने के लिए कहा गया था.

    नसीर अहमद से इस्तीफ़ा इसलिए मांगा गया, क्योंकि उनके ख़िलाफ़ शिकायतें मिली थीं कि उन्होंने पार्टी उम्मीदवार के लिए लीडरशिप के निर्देश के अनुसार पूरी ईमानदारी से काम नहीं किया.

    इसके बजाय उन पर दावणगेरे दक्षिण सीट पर एक बाग़ी उम्मीदवार का समर्थन करने का आरोप है.

    यह उपचुनाव वरिष्ठ कांग्रेसी शमनिर शिवाशंकरप्पा के निधन के कारण कराना पड़ा, उनके पोते समर्थ मल्लिकार्जुन को पार्टी टिकट दिया गया.

    मुस्लिम समुदाय ने अपने समुदाय के किसी सदस्य को टिकट देने की मांग की थी, लेकिन इसे ख़ारिज कर दिया गया. इस सीट में मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में वोटर्स हैं.

    समुदाय का कहना था कि शिवाशंकरप्पा के बेटे एसएस मल्लिकार्जुन मंत्री थे और बहू प्रभा मल्लिकार्जुन लोकसभा सांसद थीं. इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व ने मल्लिकार्जुन के बेटे को टिकट किया.

    वहीं वक़्फ़ मंत्री ज़मीर अहमद ख़ान और नसीर अहमद ने टिकट के लिए एमएलसी अब्दुल जब्बार का समर्थन किया था.

    दोनों नेता बाग़ी उम्मीदवार सादिक़ पहलवान को चुनाव से हटने के लिए मनाने में नाकाम रहे. हालांकि बाद में सिद्धारमैया के क़रीबी सलीम अहमद और रिज़वान अरशद ने पहलवान को चुनाव से हटने के लिए राज़ी कर लिया.

    उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पत्रकारों से कहा, "मुख्यमंत्री ने पार्टी के हित में अपने विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर नसीर अहमद पर फ़ैसला लिया है."

    नसीर अहमद ने हाईकमान के निर्देश के बावजूद इस्तीफ़ा देने से मना कर दिया था. इसके बाद मुख्यमंत्री ने यह कार्रवाई की.

    जब डीके शिवकुमार से पूछा गया कि क्या यह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के लिए संदेश है, तो उन्होंने कहा, "किसी भी पार्टी में अनुशासन बहुत ज़रूरी होता है."

  8. छत्तीसगढ़ के पावर प्लांट में हादसा, नौ मज़दूरों की मौत और कई घायल, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    वेदांता पावर प्लांट में हादसा

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    इमेज कैप्शन, वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे में 30 से 40 मज़दूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं

    छत्तीसगढ़ के सक्ती ज़िले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए बॉयलर विस्फोट में 9 मज़दूरों की मौत हो गई. इस घटना में बड़ी संख्या में मज़दूरों के घायल होने की ख़बर है.

    ज़िले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के अनुसार प्लांट में बॉयलर फटने से यह हादसा हुआ. 4 मज़दूरों की मौक़े पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य मज़दूरों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. पुलिस अधीक्षक ने मृतकों की संख्या बढ़ने से इनकार नहीं किया है.

    चश्मदीदों के अनुसार, सिंघीतराई स्थित प्लांट में रोज़ की तरह काम चल रहा था. इसी दौरान दोपहर क़रीब 2 बजे अचानक बॉयलर में विस्फोट हो गया. बताया जा रहा है कि ट्यूब फटने के कारण यह हादसा हुआ, जिससे प्लांट परिसर में अफ़रा-तफ़री मच गई.

    इस दुर्घटना में 30 से 40 मज़दूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं. घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. इनमें से 18 घायलों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल भेजा गया है. वहीं 11 घायलों का इलाज खरसिया के पद्मावती अस्पताल में जारी है.

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीम मौक़े पर पहुंच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया.

    हादसे के बाद वेदांता पावर प्लांट ने एक बयान जारी कर संवेदना जताई है और कहा है कि इस घटना की जांच शुरू की जा चुकी है.

    बयान में कहा गया, "14 अप्रैल 2026 की दोपहर हमारे सिंघीतराई प्लांट की एक बॉयलर यूनिट में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी. इसमें हमारे उप-ठेकेदार, एनजीएसएल के कर्मी शामिल थे, जो यूनिट का संचालन और रख-रखाव करते हैं."

    "हमारी तत्काल प्राथमिकता प्रभावित सभी लोगों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता और उपचार सुनिश्चित करना है. हम घायलों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और चिकित्सा टीमों तथा स्थानीय अधिकारियों के साथ निकट समन्वय बनाए हुए हैं."

    वेदांता पावर प्लांट ने कहा, "हम विवरण का पता लगाने की प्रक्रिया में हैं और हमारे सहयोगी और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर एक गहन जांच शुरू कर दी गई है. इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और गहरी सहानुभूति प्रभावित परिवारों के साथ हैं."

    डभरा थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद प्लांट के बाहर मज़दूरों के परिजनों ने हंगामा किया और घायलों से मिलने की मांग की. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

    सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौक़े पर पहुंचकर स्थिति का जायज़ा ले रहे हैं. रायगढ़ एसडीएम महेश शर्मा ने बताया कि सभी घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था की जा रही है.

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवज़ा और घायलों के बेहतर इलाज की मांग की है.

  9. सिविल सोसाइटी का सरकार पर 'महिला आरक्षण का इस्तेमाल परिसीमन के राजनीतिक उद्देश्य के लिए' करने का आरोप

    प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ़्रेंस

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    इमेज कैप्शन, केंद्र सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि वह इन विधेयकों को गुपचुप तरीक़े से संसद में ला रही है और इस पर चर्चा से बच रही है

    संसद के आगामी विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयक पेश किए जाएंगे. इससे पहले इन विधेयकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

    देश की विपक्षी पार्टियों के अलावा सिविल सोसाइटी की कई हस्तियों ने भी केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं.

    दरअसल, केंद्र सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि वह इन विधेयकों को गुपचुप तरीक़े से संसद में ला रही है और इस पर चर्चा से बच रही है.

    मंगलवार को 'प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया' में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की गई, जिसमें आरोप लगाए गए कि केंद्र सरकार 'परिसीमन के राजनीतिक उद्देश्य के लिए महिला आरक्षण का इस्तेमाल' कर रही है.

    इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस के ज़रिए एक्टिविस्ट अंजलि भारद्वाज, नेशनल फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन वुमेन से एनी राजा, अधिवक्ता प्रशांत भूषण, अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा, सामाजिक कार्यकर्ता भंवर मेघवंशी और योजना आयोग की पूर्व सदस्य सईदा हमीद ने अपनी बात रखी.

    इसके बाद एक प्रेस रिलीज़ भी जारी की गई, जिसमें केंद्र सरकार की मंशा और इन विधेयकों को लाने के तरीक़े पर कई सवाल उठाए गए.

    बयान में कहा गया, "सरकार संसद के आगामी सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयक बिना पारदर्शिता के और बिना परामर्श की प्रक्रिया के तहत ला रही है."

    इसमें यह भी कहा गया, "महिला आरक्षण को किसी परिसीमन की ज़रूरत नहीं है. इसे मौजूदा संख्या के आधार पर तुरंत लागू किया जाना चाहिए. हम उस तरीक़े को ख़ारिज करते हैं जिसमें महिला आरक्षण का इस्तेमाल परिसीमन के राजनीतिक उद्देश्य के लिए एक पर्दे के रूप में किया जा रहा है."

    केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल से तीन दिन के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया है. इस दौरान परिसीमन और विधायिका में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों को सदन में पेश किया जाना है.

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  10. अमेरिका के साथ 'शांति वार्ता' जारी रखने पर ईरानी राष्ट्रपति बोले

    मसूद पेज़ेश्कियान

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    इमेज कैप्शन, पेज़ेश्कियान ने कहा कि यूरोप को अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों और नियमों का पालन करने के कहना चाहिए (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि ईरान, अमेरिका के साथ शांति वार्ता जारी रखने के लिए तैयार है और विवादों के समाधान के लिए कूटनीति उसका पसंदीदा रास्ता है.

    यह बात उन्होंने फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत में कही, जिसकी जानकारी ईरान के कई न्यूज़ आउटलेट्स ने दी है.

    रिपोर्ट्स के मुताबिक़, पेज़ेश्कियान ने मैक्रों से कहा कि धमकी, दबाव और सैन्य कार्रवाई "मददगार नहीं हैं" और ये अमेरिका की "ख़ुद पैदा की गई समस्याओं" को और बढ़ाएंगी.

    पेज़ेश्कियान ने यह भी कहा कि यूरोप को अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों और नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.

  11. कार्टून: काश कि ऐसा हो

    बीबीसी कार्टून
    इमेज कैप्शन, नोएडा में प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों के प्रदर्शन पर आज का कार्टून
  12. बीजेपी नेता बोले, 'सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे'

    दिलीप जायसवाल

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    इमेज कैप्शन, दिलीप जायसवाल ने कहा कि 'सम्राट चौधरी एनडीए के मुख्यमंत्री होंगे' (फ़ाइल फ़ोटो)

    बीजेपी नेता और बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि 'एनडीए की बैठक में भी सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना जाएगा' और वह राज्य के 'अगले मुख्यमंत्री होंगे.'

    उन्होंने कहा, "एनडीए की बैठक है. बीजेपी ने सम्राट चौधरी को नेता चुना है. एनडीए की बैठक में भी सम्राट चौधरी के नाम की घोषणा होगी. इसके बाद वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे."

    दिलीप जायसवाल ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह का समय और स्थान एनडीए की बैठक के बाद बताया जाएगा.

    उन्होंने यह भी कहा, "सम्राट चौधरी एनडीए के मुख्यमंत्री होंगे."

    वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार ने 'आशीर्वाद' दिया है.

    उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी को आशीर्वाद दिया और बीजेपी विधायक दल ने भी सम्राट जी को चुना है."

  13. बिहार: सम्राट चौधरी ने बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने पर क्या कहा

    शिवराज सिंह चौहान और सम्राट चौधरी

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    इमेज कैप्शन, सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है

    सम्राट चौधरी ने बिहार में बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद कहा है कि वह पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे.

    सम्राट चौधरी ने कहा, "आज मैं प्रधानमंत्री जी, गृह मंत्री जी, बीजेपी अध्यक्ष, संगठन महामंत्री बीएल संतोष जी और शिवराज सिंह चौहान जी को आश्वस्त करता हूं कि बीजेपी के लिए जो विचारधारा है, भारत सबसे पहले और श्रेष्ठ मानने का और पार्टी को सबसे आगे खड़ा करने का, उस काम को हम लगातार करते रहेंगे."

    उन्होंने अपने बयान में नीतीश कुमार का भी ज़िक्र किया.

    उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार जी ने बहुत कुछ सिखाया है, कैसे सरकार चलाई जाती है, कैसे बिहार में सुशासन स्थापित होगा, बिहार के लोकतंत्र के लिए क्या ठीक है."

    सम्राट चौधरी ने बिहार के लोगों को आश्वासन दिया है कि वह राज्य को समृद्ध बनाएंगे.

    नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. इसके बाद हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को नेता चुना गया है.

    अब एनडीए के विधायक दल की बैठक होनी है. इस बैठक में जो भी नेता चुना जाएगा वह बिहार का अगला मुख्यमंत्री होगा.

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  14. नीतीश कुमार के इस्तीफे़ पर तेजस्वी यादव बोले, 'अब बिहार गुजरात से चलेगा'

    तेजस्वी यादव

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    इमेज कैप्शन, तेजस्वी यादव ने बिहार में बनने वाली नई सरकार पर भी टिप्पणी की है (फ़ाइल फ़ोटो)

    नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उनके इस्तीफ़े पर बिहार के विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि 'अब बिहार, गुजरात से चलेगा'.

    पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार इस्तीफ़ा देकर बीजेपी को बिहार में स्थापित कर रहे हैं.

    आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, "वो इस्तीफ़ा देकर महात्मा गांधी के हत्यारों की विचारधारा वाली पार्टी को स्थापित कर रहे हैं. मुख्यमंत्री जी (नीतीश कुमार) तो बापू का नाम लेते थे. लेकिन अब उन्होंने बीजेपी को मौक़ा दे दिया है. जो लोग कर्पूरी जी को गाली देते थे उनको स्थापित कर रहे हैं."

    तेजस्वी यादव ने राज्य की नई सरकार पर भी टिप्पणी की है.

    उन्होंने कहा, "अब कोई भी सरकार हो, वो जनता की चुनी हुई नहीं है. कोई भी मुख्यमंत्री बनेगा, वह जनता का चुना हुआ नहीं है."

    साथ ही उन्होंने सम्राट चौधरी पर भी टिप्पणी की है. उनसे पूछा गया कि 'सम्राट चौधरी का नाम अगले मुख्यमंत्री के तौर पर आ रहा है?'

    इस पर तेजस्वी यादव ने कहा, "जो भी हैं, वह लालू जी की पाठशाला के ही तो हैं. बीजेपी को भी अब लालू जी की विचारधारा के इर्द-गिर्द ही राजनीति करनी पड़ रही है. ये बात सब लोग जानते हैं. पहली बार लालू जी ने ही मंत्री, विधायक बनाया. उन्हीं की पाठशाला के हैं ये लोग."

    अंत में उन्होंने कहा, "अब जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, बिहार गुजरात से चलेगा."

    तेजस्वी यादव का बयान

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  15. ब्रेकिंग न्यूज़, नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद क्या कहा?

    नीतीश कुमार

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    इमेज कैप्शन, नीतीश कुमार बिहार से राज्यसभा के लिए चुने गए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने राज्यपाल को इस्तीफ़ा सौंपने की पुष्टि की है.

    इस्तीफ़े के बाद नीतीश कुमार ने एक्स पर एक बयान जारी कर सभी का धन्यवाद किया है. उन्होंने कहा कि बिहार की नई सरकार को उनका 'पूरा सहयोग और मार्गदर्शन' रहेगा.

    इसके अलावा उन्होंने अपने कार्यकाल को भी याद किया.

    नीतीश कुमार ने कहा, "24 नवंबर, 2005 को राज्य में पहली बार एनडीए सरकार बनी थी. तब से राज्य में क़ानून का राज है और हम लगातार विकास के काम में लगे हुए हैं."

    उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सभी तबकों का विकास किया है, फिर चाहे वो किसी भी धर्म, जाति, समुदाय या वर्ग का हो.

    उन्होंने यह भी कहा, "हर क्षेत्र में काम हुआ है चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, सड़क हो, बिजली हो, कृषि हो. महिलाओं और युवाओं के लिए भी बहुत काम किया गया है."

    नीतीश कुमार मार्च में बिहार से राज्यसभा के लिए चुने गए हैं. उन्होंने राज्यसभा के सांसद पद की शपथ भी ले ली है.

    नीतीश कुमार का बयान
  16. नाकाबंदी के बाद एक और अमेरिकी प्रतिबंधित टैंकर होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रा, जोशुआ चीथम

    होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाज़

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    इमेज कैप्शन, (सांकेतिक तस्वीर)

    बीबीसी वेरिफ़ाई ने पुष्टि की है कि अमेरिका की ओर नौसैनिक नाकाबंदी शुरू होने के बाद एक प्रतिबंधित टैंकर होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रा है. इस टैंकर पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया हुआ है.

    मरीनट्रैफ़िक के डेटा के मुताबिक़ कोमोरोस के झंडे वाला 'एलपिस' जहाज़ आंशिक रूप से एक कार्गो है, जिसे संभवतः ईरान के बंदरगाह बुशेहर से लोड किया गया हो.

    यह जहाज़ मलेशिया की कंपनी 'चार्टकेमिकल' के नाम पर पंजीकृत है. शिपिंग डेटाबेस इक्वासिस के मुताबिक़ यह जहाज़ ग़लत झंडा इस्तेमाल कर रहा है, यानी यह कोमोरोस की अनुमति के बिना ही उसके झंडे का इस्तेमाल कर रहा है.

    इसने आख़िरी बार स्थानीय समयानुसार सुबह 10:00 बजे अपनी लोकेशन दिखाई थी और इसने अपने डेस्टिनेशन की कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है.

    ट्रैकिंग डेटा से यह भी संकेत मिलता है कि एक और अमेरिकी प्रतिबंधित टैंकर 'रिच स्टैर्री' होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़र चुका है. ऐसा कहा जा रहा है कि यह टैंकर चीन की ओर जा रहा है. यह आख़िरी बार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रुका था.

    ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की घोषणा करते समय अमेरिकी सेना ने कहा था कि वह "होर्मुज़ स्ट्रेट से ग़ैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच आने-जाने वाले जहाज़ों की आवाजाही की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डालेगी."

    मरीनट्रैफ़िक का डेटा

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  17. डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के बाद कच्चे तेल की क़ीमतों में गिरावट आई, ओसमंड चिया, बिज़नेस रिपोर्टर

    तेल भंडार

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    इमेज कैप्शन, ब्रेंट क्रूड की क़ीमत क़रीब 1% गिरकर 98.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई (सांकेतिक तस्वीर)

    ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की वार्ता की उम्मीद जताई जा रही है. इस बीच मंगलवार को कच्चे तेल की क़ीमतों में गिरावट आई है.

    ब्रेंट क्रूड की क़ीमत क़रीब 1% गिरकर 98.40 डॉलर प्रति बैरल पर आई, जबकि अमेरिका में ट्रेड होने वाला तेल 1.7% गिरकर 97.40 डॉलर पर पहुंचा.

    दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने अमेरिका से संभावित समझौते के बारे में संपर्क किया है. इसके बाद ही तेल की क़ीमतें नीचे आई हैं.

    सोमवार को व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "हमें दूसरी तरफ़ (ईरान) से फ़ोन आया है. वे समझौता करना चाहते हैं."

    वहीं न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि ईरान ने पांच साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अमेरिका ने इसे ठुकरा दिया और 20 साल की मांग की.

    हालांकि, इसमें यह भी कहा गया कि चर्चाओं से संकेत मिलता है कि शांति समझौते की राह अब भी खुली हो सकती है. दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की बातचीत संभव है.

  18. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

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  19. संयुक्त राष्ट्र ने कहा, 'होर्मुज़ स्ट्रेट को ब्लॉक करने का अधिकार किसी के पास नहीं'

    आर्सेनियो डोमिंगेज़

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    इमेज कैप्शन, इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइज़ेशन (आईएमओ) के प्रमुख आर्सेनियो डोमिंगेज़

    संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जहाज़ों की आवाजाही वाले समुद्री रास्तों को रोकने का क़ानूनी अधिकार किसी भी देश के पास नहीं है.

    संयुक्त राष्ट्र की इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइज़ेशन (आईएमओ) के प्रमुख आर्सेनियो डोमिंगेज़ ने बीबीसी से कहा, "अगर कोई देश समुद्री रास्ता रोकने की कोशिश करता है, तो यह आगे के लिए ग़लत उदाहरण बन जाएगा."

    उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि वहां संघर्ष चल रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क़ानून में कोई आधार नहीं है कि किसी भी समुद्री रास्ते को रोका जाए."

    डोमिंगेज़ ने आगे कहा, "जितनी ज़्यादा जवाबी कार्रवाई होगी, फ़ारस की खाड़ी में फंसे हुए 20,000 नाविकों के लिए उतनी ही चिंता बढ़ जाएगी. बाकी दुनिया के लिए भी परेशानी बढ़ेगी, जो पहले ही आर्थिक रूप से प्रभावित है."

  20. ईरान ने बताया अमेरिका और इसराइल के हमलों से कितने डॉलर का नुक़सान हुआ

    फ़ातिमा मोहजेरानी

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    इमेज कैप्शन, इस्लामाबाद में हुई अमेरिका बातचीत में ईरान की दस शर्तों में से एक युद्ध मुआवज़े की मांग भी थी (तस्वीर: फ़ातिमा मोहजेरानी)

    ईरान ने कहा है कि उसे अमेरिका और इसराइल के हमलों में क़रीब 270 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ है.

    यह आंकड़ा ईरानी शासन की प्रवक्ता फ़ातिमा मोहजेरानी ने दिया है. उनका कहना है कि यह आंकड़ा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, दोनों तरह के नुक़सान को जोड़कर बनाया गया है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, रूस की समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती को दिए इंटरव्यू में मोहजेरानी ने कहा, "हमारी बातचीत करने वाली टीम जिन मुद्दों पर काम कर रही है, उनमें एक मुद्दा युद्ध से हुए नुक़सान के मुआवज़े की मांग का भी है."

    अमेरिका के साथ इस्लामाबाद में हुई बातचीत में ईरान की दस शर्तों में से एक युद्ध मुआवज़े की मांग भी थी.

    इसके अलावा, ईरान ने अपने पड़ोसी देशों सऊदी अरब, यूएई, क़तर, बहरीन और कुवैत से जंग में हुए नुक़सान की भरपाई की मांग की है.

    ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरवानी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को भेजे गए एक पत्र में यह मांग की.