होर्मुज़ स्ट्रेट से किसी जहाज़ के गुज़रने का संकेत नहीं, जहाज़ों ने डाला डेरा
ईरान ने अपने पोर्ट्स पर अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में होर्मुज़ स्ट्रेट को शनिवार को फिर से बंद कर दिया है. इसका असर इलाक़े में जहाज़ों के आवागमन पर स्पष्ट नज़र आने लगा है.
जहाज़ों को ट्रैक करने वाली वेबसाइट मैरीन ट्रैफ़िक से पता चलता है कि फ़िलहाल कोई भी जहाज़ इस समुद्री मार्ग से गुज़र नहीं रहा है, हालाँकि कई जहाज़ खाड़ी के आस-पास, ख़ासकर ओमान और यूएई के तटों के पास लंगर डाले खड़े दिखाई दे रहे हैं.
शनिवार को इस अहम शिपिंग कॉरिडोर से कुछ समुद्री यातायात गुज़रा था. लेकिन जैसे ही ईरान ने इसे फिर से बंद करने का एलान किया, यहाँ ट्रैफ़िक काफ़ी कम हो गया.
शनिवार को कुछ जहाज़ों ने बाताया था कि होर्मुज़ स्ट्रेट को पार करने की कोशिश में उन पर किसी चीज़ से हमला किया गया.
कई जहाज़ों ने बताया कि उन पर किसी चीज़ से हमला किया गया, और शनिवार को एक टैंकर ने बताया कि ईरानी गनबोट्स ने उस पर गोलीबारी की.
शनिवार को ही होर्मुज़ स्ट्रेट में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से दो भारतीय जहाज़ों पर फ़ायरिंग की गई थी, जिसके कारण इन जहाज़ों को अपना रास्ता बदलना पड़ा था.
ईरान जंग शुरू होने से पहले होर्मुज़ स्ट्रेट से दुनिया भर की ऊर्जा (तेल और गैस) सप्लाई का क़रीब 20% गुज़रता था. युद्ध शुरू होने से बाद ईरान ने इसकी नाकेबंदी कर दी और उसके बाद ऊर्जी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और कई देशों में इसकी कमी भी देखी जा रही है.
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कई देशों ने इसके उपयोग को लेकर नियम भी लागू कर दिए हैं.