मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव पर कांग्रेस ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने क्या जवाब दिया

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कांग्रेस ने मंगलवार को अपने एक्स अकाउंट से पोस्ट कर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार के ख़िलाफ़ उज्जैन में ज़मीन से जुड़े करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था.
कांग्रेस ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट शेयर करते हुए लिखा, "मोहन यादव के करीबी रिश्तेदारों ने सरकारी प्रोजेक्ट्स के आसपास करोड़ों की ज़मीनें खरीदी हैं और खूब पैसा बनाया है."
कांग्रेस के इन आरोपों के बाद मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की प्रतिक्रिया आई है.
मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, "आज कांग्रेस पार्टी द्वारा हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह ग़लत हैं. कांग्रेस और उसके नेता भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं. मेरा मानना है कि इन आरोपों में बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है."
"मैं यह बताना चाहता हूं कि जब हमारे मुख्यमंत्री ने 2023 में अपना नामांकन दाखिल किया था, तब उनके पास 17 एकड़ ज़मीन थी. इस 17 एकड़ ज़मीन में कोई बदलाव नहीं हुआ है. उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम जो 12.29 एकड़ ज़मीन थी, वह भी 2026 तक उतनी ही रही. एक सिद्धि विनायक कंपनी का आरोपों में उल्लेख किया गया है. उसके पास 2023 में 68 एकड़ ज़मीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई, और मुख्यमंत्री ने 2017 में ही उसके निदेशक पद से इस्तीफ़ा दे दिया था."
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद भी इस मामले पर अपना पक्ष रखेंगे और जो भी उन्हें सही लगेगा, वह कार्रवाई करेंगे.
उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर भी आरोप लगाया.
हेमंत खंडेलवाल ने कहा, "मैं कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाना चाहता हूं कि जब-जब इस राज्य में पिछड़े वर्ग से कोई मुख्यमंत्री चुना गया है, चाहे वह उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों या हमारे मोहन यादव, तब-तब कुछ लोगों ने उनके ख़िलाफ़ साजिश रची है और उन्हें कमज़ोर करने का प्रयास किया है."
"मैं कांग्रेस के आरोपों का विनम्रता और दृढ़ता के साथ खंडन करता हूं. मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि जब वे हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री द्वारा किए गए विकास कार्यों की बराबरी नहीं कर पाए हैं, तो वे हमारी सरकार और मुख्यमंत्री को कमज़ोर करने के लिए ऐसी साजिशों का सहारा ले रहे हैं."


