भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका टी20 मैच: भारत ने दिया 220 रनों का लक्ष्य, तिलक वर्मा ने लगाया शतक

तीसरे टी20 इंटरनेशनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका के सामने 220 रनों का लक्ष्य रखा है. इससे पहले, टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुक़सान पर 219 रन बनाए.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह और अश्वनी पासवान

  1. भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका टी20 मैच: भारत ने दिया 220 रनों का लक्ष्य, तिलक वर्मा ने लगाया शतक

    टी20 मैच

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    तीसरे टी20 इंटरनेशनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका के सामने 220 रनों का लक्ष्य रखा है.

    इससे पहले, टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुक़सान पर 219 रन बनाए.

    भारत की ओर सेतिलक वर्मा ने आतिशी बल्लेबाज़ी की. उन्होंने केवल 56 गेंदों में 107 रनों की पारी खेली. उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना पहला शतक लगाया.

    हालांकि, भारतीय पारी की शुरुआत कुछ खास नहीं रही थी. भारत को पहला झटका संजू सैमसन के रूप में लगा.

    संजू एक बार फिर नाकाम रहे और लगातार दूसरे टी20 मुक़ाबले में शून्य पर आउट हुए. मगर, संजू के साथ पारी की शुरुआत करने आए अभिषेक शर्मा ने 25 गेंदों पर 50 रन की तेज़ पारी खेली.

    अभिषेक ने अपनी पारी के दौरान 3 चौके और 5 छक्के लगाए. अभिषेक के आउट होने के बाद तिलक वर्मा ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज़ों पर चौतरफा प्रहार किए.

  2. नमस्कार!

    अभी तक बीबीसी संवाददाता अश्वनी पासवान इस लाइव पेज के ज़रिए आप तक ख़बरों को पहुंचा रहे थे.

    गुरुवार को कुछ नई और महत्वपूर्ण ख़बरों के साथ आपसे फिर जुड़ेंगे, लेकिन जाने से पहले बता दें कि आप दिन की महत्वपूर्ण ख़बरें नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं.

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  3. यूपीपीएससी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर अखिलेश यादव बोले- सरकार कर रही है खिलवाड़

    अखिलेश य़ादव

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    यूपी लोक सेवा आयोग के दफ़्तर के बाहर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन बुधवार को भी जारी है. मामले पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवार्दी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी.

    अखिलेश यादव ने कानपुर के सीसामऊ में कहा, "जो पढ़े लिखे नौजवान नौकरी मांगने आए उन पर लाठी चला रहे हैं. वो पढ़ाई की मेज छोड़कर वो आंदोलन कर रहे हैं. सरकार को इस बात की भी चिंता नहीं है कि वो उनके भविष्य के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है, उनकी मांगें जायज है."

    उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की मांग सरकार को माननी चाहिए है.

    दरअसल, सोमवार को प्रयागराज में यूपी लोक सेवा आयोग के दफ़्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था.

    अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा एक दिन और एक ही शिफ्ट में कराई जाएं. इसके साथ ही वो नॉर्मलाइज़ेशन व्यवस्था लागू होने का भी विरोध कर रहे हैं.

    यूपी लोक सेवा आयोग
    यूपी लोक सेवा आयोग
    यूपी लोक सेवा आयोग
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  4. मणिपुर में बढ़ती हिंसा के बाद केंद्र ने भेजे और सुरक्षा बल, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए

    संदिग्ध चरमपंथियों ने आग लगा दी

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    असम के सिलचर शहर से जिरीबाम के रास्ते खाने-पीने का सामान लेकर इंफाल जा रहे एक ट्रक को बुधवार सुबह संदिग्ध चरमपंथियों ने आग लगा दी.

    यह घटना जिरीबाम शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर तामेंगलोंग के तौसेम थाना क्षेत्र की है. दरअसल नेशनल हाईवे 37 से कई ट्रक आवश्यक सामान लेकर इंफाल की तरफ जा रहे थे. तभी कुछ हथियारबंद लोगों ने लहंगनोम गांव और ओल्ड केफुंडई गांव के बीच फायरिंग कर ट्रकों को रोकने की कोशिश की और बाद में एक ट्रक को आग लगा दी.

    इस घटना की पुष्टि करते हुए तामेंगलोंग जिला पुलिस के एक अधिकारी ने बीबीसी से कहा, "यह घटना आज (बुधवार) सुबह करीब 6 बजे की है. चावल, प्याज और आलू सहित आवश्यक वस्तुओं से लदे करीब 8 ट्रक जिरीबाम के रास्ते नेशनल हाईवे-37 पर नोनी की ओर जा रहे थे."

    "तभी अज्ञात हथियारबंद उग्रवादियों ने फायरिंग कर वाहनों को रोक लिया और एक ट्रक में आग लगा दी. हालांकि बाकी के ट्रक मौके से किसी तरह सुरक्षित निकल गए. पुलिस की टीम अपराधियों की शिनाख्त कर उन्हें पकड़ने के लिए अभियान चला रही है."

    मणिपुर में बीते एक महीने में खासकर जिरीबाम ज़िले में हिंसा की एक दर्जन घटनाएं सामने आई है. बीते सोमवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए 10 संदिग्ध उग्रवादियों की मौत की घटना के बाद से जिले में कर्फ्यू है और 6 लोग लापता है.

    ऐसी तनावपूर्ण स्थिति के मध्यनजर केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव के साथ केंद्रीय सुरक्षाबलों की 20 अतिरिक्त कंपनियों को मणिपुर रवाना कर दिया है. इन कंपनियों में सीआरपीएफ और बीएसएफ के लगभग 2400 जवान शामिल है.

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लगातार खराब हो रही कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए तत्काल प्रभाव से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की टुकड़ियों को तैनात करने का निर्देश दिया है.

    गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक फैक्स संदेश से भेजे आदेश में कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में लाने के लिए सीआरपीएफ और बीएसएफ की 20 अतिरिक्त टुकड़ियों को भेजा जा रहा है. मणिपुर सरकार से अनुरोध है कि वह संबंधित सुरक्षाबलों के साथ परामर्श करके विस्तृत तैनाती योजना तैयार करे.

    जिरीबाम में विरोध प्रदर्शन

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    इमेज कैप्शन, जिरीबाम में विरोध प्रदर्शन

    गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार इन 20 अतिरिक्त सुरक्षाबलों की टुकड़ियों के साथ ही अब मणिपुर में रैपिड एक्शन फोर्स समेत केंद्रीय बलों की कुल 218 कंपनियां तैनात है.उधर जिरीबाम में लापता 6 लोगों का अभी कोई सुराग नहीं मिला है. इस बीच मैतेई समुदाय के 13 नागरिक समाज संगठनों ने इलाके में बुधवार शाम से 24 घंटे का बंद बुलाया है.

    जिरीबाम में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया है कि मोटबुंग गांव की तरफ कई इलाकों में कल रात से फायरिंग हो रही है. जबकि मुठभेड़ में मारे गए लोगों के शव अब तक परिवार वालों को नहीं सौंपा गया है. मणिपुर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबलों की टीम लापता 6 लोगों को तलाशने के लिए जिले के कई अंदरूनी ग्रामीण इलाकों में लगातार अभियान चला रही है.

    मुठभेड़ को लेकर सीआरपीएफ-पुलिस पर लगे आरोपों का जवाब

    जिरीबाम जिले में सोमवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए 10 संदिग्ध उग्रवादियों की मौत की घटना के बाद सीआरपीएफ और राज्य पुलिस पर कई सवाल उठ रहे है. इन्हीं सवालों का जवाब देते हुए मणिपुर पुलिस ने एक बयान जारी किया है.

    दरअसल कुकी जनजाति के कई संगठनों का आरोप है कि 10 युवकों को मारने वाली घटना एक फर्जी मुठभेड़ थी.

    सुरक्षाकर्मी

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    इसी के जवाब में मणिपुर पुलिस ने लिखित बयान में कहा, "सोशल मीडिया पर कई संगठनों की प्रेस विज्ञप्तियां सामने आई, जिनमें जिरीबाम जिले के अंतर्गत बोरोबेक्रा के जकुरधोर में 11 नवंबर, 2024 की घटना के संबंध में सीआरपीएफ और मणिपुर पुलिस के खिलाफ निराधार दावे किए गए हैं, जिसमें अधिकारियों पर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है."

    " 11 नवंबर, 2024 को लगभग ढाई से 3 बजे के बीच बोरोबेक्रा पुलिस स्टेशन जहां विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया था और जिरीबाम जिले के जकुरधोर स्थित सीआरपीएफ पोस्ट पर एक साथ चरमपंथियों द्वारा आरपीजी और स्वचालित हथियारों सहित भारी परिष्कृत हथियारों से हमला किया गया था. उक्त हमले में चरमपंथियों ने आसपास के कुछ घरों को भी जला दिया था. जवाबी कार्रवाई की गई और गोलीबारी बंद होने के बाद इलाके की तलाशी ली गई. इस तरह वहां सैन्य वर्दी में सशस्त्र चरमपंथियों के 10 शव बरामद किए गए, साथ ही युद्ध जैसे हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए."

    पुलिस ने बताया, "हथियारबंद चरमपंथियों पर घात लगाकर हमला नहीं किया गया था, बल्कि सुरक्षाबलों की जवाबी फायरिंग में वे मारे गए. अगर सुरक्षाबलों ने जवाबी फायरिंग नहीं की होती तो नुकसान कहीं ज़्यादा हो सकता था."

  5. ट्रंप की टीम में शामिल 'फॉक्स न्यूज़’ के एंकर पीट हेगसेथ को जानिए

    पीट हेगसेथ

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    इमेज कैप्शन, पीट हेगसेथ होंगे अमेरिका के अगले रक्षा मंत्री

    अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने कैबिनेट के महत्वपूर्ण पदों पर लगातार नियुक्ति कर रहे हैं. उन्होंने बुधवार को 'फॉक्स न्यूज’ के एंकर और पूर्व सैनिक पीट हेगसेथ (44) अमेरिका का रक्षा मंत्री नामित किया है.

    पीट सेना में रहते हुए अफ़ग़ानिस्तान और इराक में भी तैनात रहे हैं. ट्रंप ने पीट के नाम की घोषणा करते हुए उन्हें मज़बूत, समझदार और 'अमेरिका फर्स्ट 'में विश्वास करने वाला सच्चा शख्स बताया.

    पीट हेगसेथ कौन हैं?

    पीट का जन्म मिनेसोटा के मिनियापोलिस में हुआ था. वो अपने पत्नी और सात बच्चों के साथ टेनेसी में रहे हैं.

    उन्होंने 'फॉक्स न्यूज़’ पर सैन्य मुद्दों से जुड़े कई कार्यक्रम होस्ट किए. 'फॉक्स न्यूज़’ पर उनका आखिरी दिन मंगलवार को था.

    ट्रंप ने पीट के नाम की घोषणा करते हुए बताया कि उन्होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की.

    ट्रंप का राष्ट्रपति पद के लिए शपथ ग्रहण समारोह 20 जनवरी, 2025 को होगा. इसके बाद वो आधिकारिक रूप से राष्ट्रपति पद की शक्तियां हासिल कर पाएंगे.

  6. सऊदी अरब के विदेश मंत्री और एस जयशंकर हैदराबाद हाउस में मिले, क्या हुई बात?

    सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान अल सऊद और एस जयशंकर

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    इमेज कैप्शन, सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान अल सऊद भारत के दौरे पर हैं

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हैदराबाद हाउस में सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान अल सऊद से बुधवार को मुलाक़ात की.

    एस जयशंकर और प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान अल सऊद के बीच हुई मुलाक़ात के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया.

    इसमें बताया कि एस जयशंकर और प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान अल सऊद के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा और कॉन्सुलर मुद्दों को लेकर भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की.

    एस जयशंकर और प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान अल सऊद ने भारत-सऊदी सामरिक साझेदारी परिषद (एसपीसी) के राजनीतिक, सुरक्षा, सामाजिक और सांस्कृतिक (पीएसएससी) कमेटी की सह-अक्ष्यता की. इस दौरान दोनों ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सितंबर 2023 में भारत दौरे के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की.

  7. कार्टून: बंटेगा तो कटेगा

    कार्टून
  8. ईरान के विदेश मंत्री ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाक़ात के बाद क्या कहा?

    अब्बास अराग़ची और मोहम्मद बिन सलमान

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    इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाक़ात की

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने रियाद में हो रहे अरब-इस्लामिक देशों के सम्मेलन के इतर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाक़ात की.

    अब्बास अराग़ची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि मोहम्मद बिन सलमान से एक महीने में दूसरी मुलाक़ात है.

    अराग़ची ने कहा, "मैंने अपने कई समकक्षों (विदेश मंत्रियों) के साथ भी चर्चा की. हम सभी की साझा चिंता और साझा हित है. हम क्षेत्र में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करने में सहयोग और समन्वय के महत्व को समझते हैं."

    "क्षेत्रीय वार्ता कोई विकल्प नहीं बल्कि ज़रूरत है. हम इसको लेकर सहमत हैं.''

    एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले सऊदी अरब के नेता और ईरान के विदेश मंत्री के बीच ये बैठक काफ़ी अहम मानी जा रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि मध्य पूर्व में इसराइल के ग़ज़ा और लेबनान में जारी हमलों के बीच सऊदी अरब में अरब-इस्लामिक देशों के सम्मेलन हो रहा है.

    इस सम्मेलन की प्राथमिकता, फ़लस्तीनी और लेबनानी क्षेत्रों में इसराइली आक्रमण को रोकना, आम लोगों की रक्षा करना और क्षेत्र में शांति के साथ स्थिरता स्थापित करने के नज़रिए से अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बनाना है.

  9. असदुद्दीन ओवैसी ने 'बुलडोज़र एक्शन' पर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश जारी करने के बारे में क्या कहा?

    असदुद्दीन ओवैसी

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    'बुलडोज़र एक्शन' के चलन पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से बुधवार को दिए गए फ़ैसले पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी है.

    हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को राहत देने वाला बताया है.

    असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "सुप्रीम कोर्ट का 'बुलडोज़र' फ़ैसला स्वाग्त योग्य और राहत वाला है."

    उन्होंने कहा कि निर्णय का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बयान नहीं बल्कि लागू करने लायक दिशा निर्देश में है. उम्मीद है कि वो राज्य सरकारों को मुसलमान और अन्य हाशिए के समूहों को दंडित करने से रोकेंगे.

    सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की दो सदस्यीय बेंच ने मामले पर सुनवाई की.

    सुप्रीम कोर्ट ने दिए दिशानिर्देश
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    दिशा निर्देश इस तरह से हैं:

    • किसी भी ढांचे को ढहाने से पहले स्थानीय नगर निगम कानूनों के अनुसार या फिर कम से कम 15 दिन पहले नोटिस देना अनिवार्य है. इनमें से जो भी अवधि ज़्यादा होगी, वो मान्य रहेगी.
    • नोटिस किसी रजिस्टर्ड अधिकारी के हवाले से ही जारी होना चाहिए और इसे संबंधित संपत्ति पर भी चिपकाना अनिवार्य है. नोटिस में संपत्ति ढहाने के कारण को विस्तार में बताना ज़रूरी होगा.
    • पुरानी तारीख़ में नोटिस जारी करने से जुड़ी किसी भी शिकायत से बचने के लिए, संपत्ति के मालिक/या कब्ज़ा करने वालों को नोटिस देने के फ़ौरन बाद ही ज़िला कलेक्टर को सूचित करना होगा.
    • आज से तीन महीने के अंदर हर नगर निगम या स्थानीय निकाय को एक डिजिटल पोर्टल बनाना होगा, जिसपर सर्विस, नोटिस चिपकाने, जवाब और आदेश से जुड़ी हर जानकारी अपलोड की जाएगी.
    सुप्रीम कोर्ट ने दिए दिशानिर्देश
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    • अधिकारियों को उस व्यक्ति की शिकायतें भी सुननी होंगी, जिसकी संपत्ति पर कार्रवाई होनी है. इस मुलाक़ात को रिकॉर्ड में दर्ज करना होगा. याची को संपत्ति ढहाने के आदेश के खिलाफ़ कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने का मौका मिलना चाहिए.
    • संपत्ति ढहाने का आदेश डिजिटल पोर्टल पर डालना अनिवार्य है.
    • संपत्ति के मालिक को आदेश पारित होने के 15 दिनों के भीतर अवैध ढांचा खुद हटाने या गिराने का मौका मिलना चाहिए. लेकिन ये उसी स्थिति में होना चाहिए, जब आदेश पर रोक न लगी हो.
    • संपत्ति ढहाने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफ़ी होनी चाहिए और इसकी रिपोर्ट भी तैयार करनी होगी.
    • ऊपर दिए किसी भी दिशानिर्देश का उल्लंघन अवमानना माना जाएगा. अगर संपत्ति ढहाने की कार्रवाई को इन निर्देशों के अनुरूप नहीं पाया गया, तो अधिकारियों को ज़िम्मेदार माना जाएगा. उन्हें निजी खर्च से संपत्ति दोबारा बनवानी होगी.
  10. यूपीपीएससी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन आज भी जारी, क्या है मामला और छात्रों की मांगें

    अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

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    इमेज कैप्शन, अभ्यर्थियों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में यूपी लोक सेवा आयोग के दफ़्तर के बाहर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन बुधवार को भी जारी है.

    सोमवार को प्रयागराज में यूपी लोक सेवा आयोग के दफ़्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था.

    अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा एक दिन और एक ही शिफ्ट में कराई जाएं. साथ ही वो नॉर्मलाइज़ेशन व्यवस्था लागू होने का भी विरोध कर रहे हैं.

    बीते पांच नवंबर को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने नोटिस जारी कर यह सूचना दी कि पीसीएस-प्री की परीक्षा 7-8 नवंबर को दो शिफ़्ट में और आरओ-एआरओ की परीक्षा 22-23 नवंबर को तीन शिफ़्ट में होगी.

    यूपीपीएससी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
    यूपीपीएससी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
    यूपीपीएससी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
    यूपीपीएससी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
  11. सीआईएसएफ़ की पहली महिला बटालियन को केंद्र की हरी झंडी, क्या होगी ज़िम्मेदारी?

    महिला कमांडो

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    इमेज कैप्शन, सीआईएसफ़ की पहली महिला बटालियन को कई तरह की ज़िम्मेदारियां सौंपी जाएंगी

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया है कि सरकार ने सीआईएसफ़ की पहली महिला बटालियन बनाने का निर्णय किया है.

    सीआईएसएफ़ यानी सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फ़ोर्स की इस महिला बटालियन की ज़िम्मेदारी एयरपोर्ट, मेट्रो रेल जैसे अहम ढांचों की सुरक्षा और कमांडो के तौर पर वीआईपी सिक्योरिटी के लिए तैनाती होगी.

    अमित शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है, "देश-निर्माण के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के मोदी जी के विज़न के तहत एक अहम कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने सीआईएसएफ़ की पहली ऑल वीमेन बटालियन के गठन को हरी झंडी दे दी है."

    उन्होंने कहा, “इस निर्णय से निश्चित रूप से राष्ट्र की सुरक्षा के महत्वपूर्ण कार्य में ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी.”