लाइव, राहुल गांधी बेला स्टेट बस्ती में जिन लोगों से मिलने पहुँचे थे, उन पर चुनाव आयोग ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने बताया कि इस बस्ती में रहने वाले 728 लोगों में से एसआईआर के बाद 727 लोगों के नाम काट दिए गए हैं. सिर्फ एक शख़्स का नाम वोटर लिस्ट में शामिल है.

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल

  1. राहुल गांधी बेला स्टेट बस्ती में जिन लोगों से मिलने पहुँचे थे, उन पर चुनाव आयोग ने क्या कहा?

    राहुल गांधी
    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी के इस आरोप का जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि इस मामले को संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी(ईआरओ) पहले ही देख चुके हैं

    कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सोमवार को यमुना किनारे स्थित बेला स्टेट बस्ती में रहने वाले उन लोगों से मिलने पहुंचे, जिनके नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद वोटर लिस्ट हटा दिए गए हैं.

    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें वो वहां के लोगों के साथ बैठकर किसी अफ़सर से फ़ोन पर बात करते हुए दिख रहे हैं.

    राहुल गांधी ने बताया कि इस बस्ती में रहने वाले 728 लोगों में से एसआईआर के बाद 727 लोगों के नाम काट दिए गए हैं. सिर्फ एक शख़्स का नाम वोटर लिस्ट में शामिल है.

    राहुल गांधी ने कहा कि इस बस्ती के लोग सालों से यहां रह रहे हैं और उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदान भी किया था.

    उन्होंने कहा कि साल 2023 में उनके घर तोड़े जाने के बावजूद वे उसी क्षेत्र में रह रहे हैं, फिर भी उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए.

    राहुल गांधी के इस पोस्ट का जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि इस मामले को संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी(ईआरओ) पहले ही देख चुके हैं.

    आयोग के मुताबिक, "दिल्ली के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 30 अक्तूबर 2026 तक बढ़ा दी है."

    चुनाव आयोग ने जारी बयान में कहा कि अगर किसी पात्र मतदाता को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम नहीं मिलता है, तो वह निर्धारित घोषणा पत्र और ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ फॉर्म-6 भरकर खुद को नए मतदाता के रूप में पंजीकृत करा सकता है.

    आयोग के मुताबिक आवेदन निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और निर्धारित मतदान केंद्रों पर जमा किए जा सकते हैं.

  2. सुरक्षा कारणों के चलते ओपनएआई लॉन्च नहीं करेगा चैटजीपीटी का नया मॉडल

    सैम अल्टमैन
    इमेज कैप्शन, कंपनी का कहना है कि यह मॉडल सुरक्षा और भरोसे के उसके तय मानकों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा (फ़ाइल फ़ोटो - सैम अल्टमैन)

    चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई ने मंगलवार को पुष्टि की कि वह नेक्स्ट जेन के एआई मॉडल जीपीटी-6.1 अस्ट्रा को फ़िलहाल जारी नहीं करेगी.

    कंपनी का कहना है कि यह मॉडल सुरक्षा और भरोसे के उसके तय मानकों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा.

    ओपनएआई में सेफ्टी सिस्टम्स की प्रमुख साची जैन ने बताया कि यह एआई मॉडल अपने आप इंटरनेट ब्राउज़ करने और ऐप्स इस्तेमाल करने जैसे काम कर सकता है, लेकिन इसकी परफॉर्मेंस कंपनी की उम्मीदों के मुताबिक़ नहीं रही.

    उन्होंने कहा कि मॉडल को यह समझने में दिक्क़त दिखी कि उसे किस दायरे और किस अधिकार के तहत काम करना है.

    साथ ही, यह भी स्पष्ट नहीं था कि वह यूज़र को अपने किए गए काम के बारे में कितनी सही और पारदर्शी जानकारी देता है.

    साची जैन ने कहा, "हम चाहते हैं कि हमारे मॉडल का विकास पूरी तरह सुरक्षित हो. लेकिन जब किसी मॉडल को आम लोगों के लिए जारी किया जाता है, तो सुरक्षा और ज़िम्मेदार व्यवहार को लेकर हमारा मानक बेहद ऊंचा होता है."

    हाल के हफ्तों में ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के प्रमुख डारियो अमोडेई समेत कई एआई दिग्गजों ने तेज़ी से हो रहे एआई विकास को लेकर चिंता जताई है और उद्योग से सतर्क रुख अपनाने की अपील की है.

  3. गोल्डी बराड़ को अमेरिका ने मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों की सूची में शामिल किया

    गोल्डी बराड़
    इमेज कैप्शन, एजेंसी ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास गोल्डी बारे में कोई जानकारी है तो वह तुरंत क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों से संपर्क करे (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका की फेडरल जांच एजेंसी एफ़बीआई ने सतिंदरजीत सिंह उर्फ़ गोल्डी बराड़ को अपनी "टेन मोस्ट वॉन्टेड फ्यूजिटिव्स" यानी देश के 10 सबसे वांछित फरार अपराधियों की सूची में शामिल किया है.

    एफ़बीआई के मुताबिक, गोल्डी बराड़ पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का आरोप है.

    एफबीआई का कहना है कि गोल्डी बराड़ संगठित अपराध गिरोह अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत अमेरिका और कनाडा के कई इलाक़ों में हिंसक वारदातों में शामिल रहे हैं.

    एजेंसी ने आरोप लगाया है कि गोल्डी बराड़ इस आपराधिक नेटवर्क की गतिविधियों से जुड़े हुए हैं और उनकी तलाश काफ़ी समय से की जा रही है.

    एफ़बीआई ने गोल्डी बराड़ की गिरफ़्तारी में मदद करने वाली सूचना के लिए 10 लाख डॉलर (करीब 9.6 करोड़ रुपये से अधिक) तक के इनाम की घोषणा की है.

    एजेंसी ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास उनके बारे में कोई जानकारी है तो वे तुरंत क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों से संपर्क करे.

    भारतीय जांच एजेंसी एनआईए ने भी 24 जून को गोल्डी बराड़ पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.