राहुल गांधी बेला स्टेट बस्ती में जिन लोगों से मिलने पहुँचे थे, उन पर चुनाव आयोग ने क्या कहा?

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कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सोमवार को यमुना किनारे स्थित बेला स्टेट बस्ती में रहने वाले उन लोगों से मिलने पहुंचे, जिनके नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद वोटर लिस्ट हटा दिए गए हैं.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें वो वहां के लोगों के साथ बैठकर किसी अफ़सर से फ़ोन पर बात करते हुए दिख रहे हैं.
राहुल गांधी ने बताया कि इस बस्ती में रहने वाले 728 लोगों में से एसआईआर के बाद 727 लोगों के नाम काट दिए गए हैं. सिर्फ एक शख़्स का नाम वोटर लिस्ट में शामिल है.
राहुल गांधी ने कहा कि इस बस्ती के लोग सालों से यहां रह रहे हैं और उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदान भी किया था.
उन्होंने कहा कि साल 2023 में उनके घर तोड़े जाने के बावजूद वे उसी क्षेत्र में रह रहे हैं, फिर भी उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए.
राहुल गांधी के इस पोस्ट का जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि इस मामले को संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी(ईआरओ) पहले ही देख चुके हैं.
आयोग के मुताबिक, "दिल्ली के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 30 अक्तूबर 2026 तक बढ़ा दी है."
चुनाव आयोग ने जारी बयान में कहा कि अगर किसी पात्र मतदाता को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम नहीं मिलता है, तो वह निर्धारित घोषणा पत्र और ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ फॉर्म-6 भरकर खुद को नए मतदाता के रूप में पंजीकृत करा सकता है.
आयोग के मुताबिक आवेदन निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और निर्धारित मतदान केंद्रों पर जमा किए जा सकते हैं.


