तेल की कीमत चार साल में सबसे कम

विएना, ओपेक की बैठक
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अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत गिरकर चार साल के सबसे निचले स्तर पर है.

उधर तेल निर्यातक देशों की संघ ओपेक की गुरुवार को बैठक हो रही है जिसमें तेल का उत्पादन घटाने पर चर्चा होगी.

आंकड़ों के अनुसार पिछले हफ़्ते की तुलना में कच्चे तेल के भंडार में वृद्धि भी हुई है.

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में जून 2014 से अब तक 30 प्रतिशत की कमी आई है.

कच्चे तेल की कीमतों में आ रही कमी से चिंतित ओपेक (ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज़) के 12 सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्री वियना में बैठक कर रहे हैं.

ओपेक के सदस्य सऊदी अरब, क़तर और संयुक्त अरब अमीरात ने कहा है कि उनके बीच तेल उत्पादन को लेकर सहमति बन गयी है.

माना जा रहा है कि तेल के बड़े उत्पादक देश उत्पादन के वर्तमान स्तर को बरक़रार रखना चाहते हैं.

सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री, ओपेक सम्मेलन, वियना
इमेज कैप्शन, वियना में सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री अल नैमी

अमरीका में ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चे तेल का एक प्रकार) की कीमत गुरुवार को दो डॉलर गिरकर 75.75 डॉलर प्रति बैरेल हो गई है. सितंबर, 2014 के बाद से यह कच्चे तेल की न्यूनतम दर है.

तेल की कीमत में गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कम माँग और अमरीका में बढ़ते तेल उत्पादन के कारण आ रही है.

ज़्यादातर ओपेक देश चाहते हैं कि कच्चे तेल की कीमत को 80 डॉलर प्रति बैरल से अधिक रखा जाए. वहीं कुछ देश यह कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के अधिक रखना चाहते हैं.

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