तालिबान के ख़िलाफ़ जंग की की़मत

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तुर्की में प्रधानमंत्री रचेप तइप अर्दोआन ने कहा है कि गेज़ी पार्क में शनिवार रात को प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कारर्वाई का आदेश देना उनका फर्ज़ था. रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने इस आरोप से इनकार किया कि वो तानाशाह की तरह बर्ताव कर रहे हैं.

उनका कहना था, "मैंने कल अंकारा में भी कहा था और इस्तांबुल में भी यहाँ मौजूद शानदार भीड़ के बीच भी कहता हूँ कि अगर किसी को तुर्की की तस्वीर देखनी है तो ये यही असली तस्वीर है. अंतरराष्ट्रीय जगत कुछ भी कहता रहे."

अंकारा और इस्तांबुल में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं. अंकारा में रविवार को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस और पानी के गोले छोड़े. इसमें चार लोगों को चोट लगी है. शनिवार रात को इस्तांबुल में तकसीम चौराहे से भी प्रदर्शनकारियों को गेज़ी पार्क से हटा दिया गया था.

इस्तांबुल के गवर्नर हुसैन अवनी मुतलु ने कहा है कि लोगों को चौराहे में जाने नहीं दिया जाएगा और प्रदर्शनकारियों के लिए वहाँ जाना सुरक्षित नहीं होगा.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शनिवार रात अब तक के प्रदर्शनों की सबसे बुरी रात रही. घटनास्थल पर सैन्य बल के लोगों के आने से प्रदर्शनकारी हैरान रह गए. ये सैन्य बल आंतरिक मामलों के मंत्रालय के तहत आता है जो शांतिपूर्ण समय के लिए होता है.

इससे पहले राजधानी में पुलिस ने उन लोगों को भी हटा दिया जो एक प्रदर्शनकारी की मौत के बाद प्रार्थना सभा कर रहे थे.

टकराव की स्थिति

अर्दोआन ने तुर्की में विशाल रैली की है
इमेज कैप्शन, अर्दोआन ने तुर्की में विशाल रैली की है

दो बड़ी ट्रेड यूनियनों ने गेज़ी पार्क में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल बुलाई है. केस्क ट्रेड यूनियन के प्रवक्ता ने एएफ़पी को बताया, “हमारी माँग है कि पुलिस तुरंत हिंसा बंद करे.”

तनाव उस समय और बढ़ गया जब इस्तांबुल में प्रधानमंत्री रचेप तइप अर्दोआन के समर्थन में हज़ारों लोग इकट्ठा हो गए. एक समर्थक ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा, “हम बहुमत वाले वो लोग हैं जो चुप हैं, वो असामाजिक तत्व नहीं जो लोगों को डराने की कोशिश कर रहे हैं.”

सप्ताहांत में ये प्रधानमंत्री की ये दूसरी रैली थी. शनिवार को अंकारा में उन्होंने अगले चुनाव में अपने विरोधियों को हराने की बात कही थी.

प्रदर्शन पर अंकुश लगाने के लिए तुर्की के प्रांतों से करीब एक हज़ार पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है.

पार्क के आसपास के इलाका की घेराबंदी कर दी गई है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये इलाका आर्थिक गतिविधियों का गढ़ है और इसे बंद रखना सरकार के लिए मुश्किल होगा.

तुर्की में प्रदर्शनों का सिलसिला 28 मई को शुरु हुआ था जब लोगों ने गेज़ी पार्क के पास इलाके के पुनर्विकास का विरोध किया था. लेकिन पुलिस और प्रदर्शनकारियों की बीच झड़पों के बाद ये प्रदर्शन सरकार विरोधी प्रदर्शनों में तब्दील हो गए.

चिकित्सा अधिकारियों का अनुमान है कि पाँच हज़ार लोग घायल हुए हैं और अब तक कम से कम चार लोग मारे जा चुके हैं.

कोर्ट का फैसला आने तक प्रधानमंत्री गेज़ी पार्क के पुनर्विकास का काम स्थगित करने पर सहमत हो गए हैं पर उनका कहना है कि सुरक्षाबलों को पार्क तो खाली कराना ही पड़ेगा.