ब्राज़ील के इन जंगलों में मछली और केकड़े पकड़ना है बेहद ख़ास

प्रकाशित

तस्वीरों में देखिए, ब्राज़ील के जंगलों की खूबियां और यहां रहने वालों का जीवन.

मैंग्रोव जंगल
इमेज कैप्शन, बीबीसी के फ़ोटोग्राफ़र ने कारटिंगुई नदी के किनारे कीचड़ के घरों में रहने वाले एक समुदाय के इलाके का जायज़ा लिया. इस इलाके को रेल के नाम से जाना जाता है क्योंकि यहां के घर रेल के डिब्बों की तरह दिखते हैं.
मैंग्रोव जंगल
इमेज कैप्शन, मैंग्रोव वन ब्राजील के तट के 13,989 वर्ग किमी में फैले हैं और जलवायु परिवर्तन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. मैंग्रोव वन कार्बनडाइऑक्साइड भी सोखते हैं.
मैंग्रोव जंगल
इमेज कैप्शन, तस्वीर में दिखाई दे रहे मछुआरे जोस दा क्रूज़ केकड़ों को पकड़ कर अपना जीवन यापन करते हैं. ये वहां केकड़े पकड़ते हैं जहां मीठे पानी की नदियां खारे अटलांटिक महासागर से मिलती हैं
मैंग्रोव जंगल
इमेज कैप्शन, मछुआरे जाल की जगह अपने हाथ की मदद से केकड़े पकड़ते हैं. अपना हाथ मैंग्रोव के पेड़ किनारे लगी कीचड़ में डाल कर या कभी–कभी कीचड़ में लेटकर अंदर छुपे केकड़ों को पकड़ते हैं.
मैंग्रोव जंगल
इमेज कैप्शन, मछुआरे एक दिन में कई दर्जन केकड़े पकड़ते हैं. जिससे सप्ताह में 200 रीसिस की कमाई हो जाती है जो जीवन यापन के लिए काफी है.
मैंग्रोव जंगल
इमेज कैप्शन, डा क्रूज़ बताते हैं आज वे 10 साल पहले के मुकाबले आधी मात्रा में केकड़े पकड़ पाते हैं. उस समय में पानी की रेखा 3 मीटर (10 फीट) अंदर थी.
मैंग्रोव जंगल
इमेज कैप्शन, बैटरी से चलने वाले रेडियो ने श्री दा क्रूज़ को शेष दुनिया से जोड़ा है और जलवायु परिवर्तन के विज्ञान के बारे में जानने में सक्षम बनाया है.वो कहते हैं, ‘‘ प्रकृति उदास है, अंटार्कटिका में तो सब पिघल रहा है’’
मैंग्रोव जंगल
इमेज कैप्शन, वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 21 वीं सदी के अंत तक वैश्विक सतह के तापमान में 1.5C से अधिक की वृद्धि होगी.
मैंग्रोव जंगल
इमेज कैप्शन, जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल की 2014 की रिपोर्ट के मुताबिक ये तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाएगा.
मैंग्रोव जंगल
इमेज कैप्शन, पास के संघीय विश्वविद्यालय, रेकोनाको दा बाहिया के जीवविज्ञानी रेनैटो डी अल्मीडा का कहना है कि जल-जीवों के शिकार का बढ़ना केकड़े और मछली की आबादी की गिरावट में एक संभावित कारण है.
मैंग्रोव जंगल
इमेज कैप्शन, मछली पकड़ने को प्रभावित करने वाले अन्य कारकों में बढ़ते पर्यटन शामिल हैं, जल यातायात में वृद्धि से नदी के किनारे पर सीपों की बढ़ोत्तरी हो जाती हैं