1859 में ऐसा दिखता था ताजमहल, भारत की 10 अनदेखी तस्वीरें

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ये तस्वीरें ब्रिटिश इंडिया की हैं, जिनमें प्राचीन भारत की भी झलक मिलती है.

ताजमहल
इमेज कैप्शन, फेलिसा बेआतो भारत की यात्रा करने वाले शुरुआती फ़ोग्राफरों में एक थे. उन्होंने ताजमहल की यह तस्वीर 1857 के विद्रोह के दो साल बाद खींची थी. 1857 की लड़ाई में आगरा भी युद्ध का मैदान बना था.
महाराजा राम सिंह साहिब
इमेज कैप्शन, ये हैं महाराजा राम सिंह साहिब बहादुर. इन्हें वन पुरुष के रूप में जाना जाता है. इस तस्वीर को एलबम ऑफ फोटोग्रेवियर के चौथे वॉल्यूम से लिया गया है.
मुंबई
इमेज कैप्शन, यह तस्वीर मुंबई के गिरगांव रोड की है. यह तस्वीर उस वक़्त की है जब रंगीन तस्वीर खींचने की शुरुआत हुई थी.
पगड़ी
इमेज कैप्शन, भारत में राजाओं के पगड़ी बांधने की प्रथा काफ़ी लोकप्रिय रही है. यहां के राजाओं के वस्त्र काफ़ी अलंकृत होते थे. ब्रिटिश राज में इन राजाओं की शक्ति जाती रही लेकिन उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी रहन-सहन की शान से कोई समझौता नहीं किया. इससे एक संदेश यह भी जाता था कि भारत का शासन ब्रिटिश उपनिवेश से अलग है.
मुंबई
इमेज कैप्शन, यह तस्वीर बॉम्बे हार्बर शो की 1856 के आसपास की है. तब भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रभुत्व था. 1855 की शुरुआत में कंपनी यहां से तस्वीरें भेजती थीं. तब ब्रिटिश सैन्य ऑफ़िसरों को भी कैमरा मुहैया कराया गया था.
जयपुर
इमेज कैप्शन, यह तस्वीर गुलाबी शहर जयपुर की है. 1875-76 में प्रिंस ऑफ वेल्स जयपुर गए थे तभी की यह तस्वीर है.
बनारस
इमेज कैप्शन, सैमुअल बॉर्न को 19वीं सदी के भारत का बेहतरीन फ़ोटोग्राफर माना जाता है. इस तस्वीर को बॉर्न ने ही खींची की. तस्वीर बनारस में गंगा नदी के तट पर मणिकर्णिका घाट की है.
दार्जीलिंग
इमेज कैप्शन, यह तस्वीर दार्जिलिंग में बौद्ध वादकों की है. इस तस्वीर के ज़रिए उस वक़्त रिवाजों और आदिवासियों के जीवन को कवर करने की कोशिश की गई थी.
तमिलनाडु
इमेज कैप्शन, यह तस्वीर तमिलनाडु में तिरुचिरापल्ली की है. इस तस्वीर में प्राचीन और औपनिवेशिक भारत की झलक है.
हिन्दू
इमेज कैप्शन, श्रीरंगानाथस्वामी को दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक कैंपस माना जाता है. इस हिन्दू मंदिर का निर्माण तमिल शैली में किया गया है.