ईरानी सेना ने कहा वो इसराइल पर हमले रोक रही है, लेकिन साथ ही दी एक चेतावनी

8 जून, 2026 को इसराइल के जेरिको के बाहरी इलाक़े में एक शख़्स ज़मीन में आधा धँसा हुआ एक गिरा हुआ रॉकेट देखता हुआ

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ईरान के टॉप मिलिट्री कमांड के सेंट्रल हेडक्वार्टर ख़तम अल-अंबिया ने घोषणा की है कि इसराइल के हालिया हमले अब ख़त्म हो चुके हैं.

इसके साथ ही उसने चेतावनी भी दी है कि अगर "दक्षिणी लेबनान के साथ-साथ" उस पर इसराइल के हमले जारी रहे तो ईरान "पहले से ज़्यादा गंभीर और शक्तिशाली" जवाब देगा.

इस घोषणा से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान और इसराइल तुरंत प्रभाव से युद्धविराम करने की कोशिश कर रहे हैं.

हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने यह आशंका भी ज़ाहिर की थी कि किसी भी लापरवाही से बातचीत बीच में रुक सकती है.

रविवार को लेबनान के बेरूत में इसराइल के हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने सैन्य अभियान की घोषणा की थी जिसके बाद रविवार की बीती रात और सोमवार की सुबह इसराइल और ईरान के बीच हवाई हमले हुए थे.

वहीं आईडीएफ़ का कहना था कि ईरान ने इसराइल की ओर फिर से मिसाइलें दाग़ी हैं. एक बयान में उसने कहा था कि डिफ़ेंस सिस्टम ख़तरे को रोकने के लिए काम कर रहे हैं.

आई़डीएफ़ ने लोगों से अपील की थी कि अगर उन्हें कोई अलर्ट मिले तो वे सुरक्षित ठिकानों में चले जाएं.

सात जून को ईरान की तरफ़ से छोड़ी गई मिसाइल वेस्ट बैंक सिटी के ऊपर आसमान में दिखी

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ट्रंप ने की थी घोषणा

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "दोनों पक्ष, इसराइल और ईरान, तुरंत युद्ध रोकने (सीज़फ़ायर) की कोशिश कर रहे हैं. शांति स्थापित करने पर आख़िरी बातचीत चल रही है, लेकिन अगर कोई लापरवाही या बेवकूफ़ी बीच में आई तो बातचीत रुक सकती है."

उन्होंने लिखा, "जब तक आख़िरी समझौता नहीं हो जाता, तब तक नाकाबंदी जारी रहेगी और पूरी तरह लागू रहेगी. चीज़ें जल्दी आगे बढ़नी चाहिए."

इस पोस्ट से क़रीब एक घंटे पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर दोनों देशों को गोलीबारी रोकने के लिए कहा था.

उल्लेखनीय है कि मध्य पूर्व में चल रही सैन्य झड़पों पर भारत ने भी बयान जारी किया है. भारत ने सभी पक्षों से शांति स्थापित करने और बातचीत करने की अपील की.

रविवार को दक्षिणी लेबनान पर हमले के बाद का दृश्य

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एक-दूसरे पर हमले

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इससे पहले ईरान ने रविवार को इसराइल पर कई मिसाइलें दाग़ीं. इसके जवाब में इसराइल ने भी ईरानी ठिकानों पर हमले किए.

इसराइल डिफेंस फोर्सेज़ (आईडीएफ़) ने टेलीग्राम पर लिखा, "कुछ देर पहले, इसराइली वायु सेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में ईरानी आतंकी शासन के सैन्य ठिकानों पर हमला किया."

इसमें हताहतों या हमलों की सटीक जगह के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी गई है. लेकिन ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने तीन शहरों में धमाकों की ख़बरें दी हैं.

सरकारी टीवी ने टेलीग्राम पर पोस्ट किया, "तेहरान, तबरीज़ और इस्फ़हान में कई धमाके सुने गए." ख़बरों के मुताबिक, मध्य शहर कराज के पास भी धमाके सुने गए.

ईरान की स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट है कि मध्य और पश्चिमी ईरान पर इसराइल के हमले में तेहरान के शहरी इलाक़ों को निशाना नहीं बनाया गया है.

तेहरान के फायर डिपार्टमेंट का हवाला देते हुए स्थानीय मीडिया ने बताया कि सोमवार तड़के ईरानी राजधानी के पश्चिमी हिस्सों में कम से कम दो धमाकों की आवाज़ सुनी गई.

सरकारी मीडिया में इस्फ़हान के स्थानीय अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है. देश के अन्य हिस्सों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है.

इसराइल के वरिष्ठ अधिकारी

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इमेज कैप्शन, इसराइली एयर फ़ोर्स ने यह तस्वीर शेयर कर बताया था कि इसराइल के वरिष्ठ अधिकारी पिछले कुछ घंटों से एयर फ़ोर्स ऑपरेशन्स सेंटर से लगातार हालात का जायज़ा ले रहे हैं और ईरान में आईडीएफ़ के हमलों की कमान संभाल रहे हैं

साथ ही इसराइली सेना ने बताया था कि यमन से इसराइल की ओर मिसाइल दागी गई है.

सेना ने कहा कि एयर डिफ़ेंस सिस्टम "ख़तरे को रोकने के लिए काम कर रहे हैं."

'द टाइम्स ऑफ़ इसराइल' की रिपोर्ट के मुताबिक़, यरूशलम, तेल अवीव और मध्य इसराइल के आस-पास के इलाक़ों में चेतावनी वाले सायरन बज रहे हैं.

इससे पहले, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने एक बयान में कहा कि ये हमले एक चेतावनी हैं.

आईआरजीसी ने कहा कि इससे "पूरे हफ़्ते के लिए लगातार हमलों की शुरुआत" हो रही है.

ईरान की ओर से यह हमला तब हुआ जब रविवार सुबह इसराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर हमला किया.

बेरूत पर हुए हमलों का ज़िक्र करते हुए आईआरजीसी ने कहा था कि अगर इसराइल की ओर से "आक्रामक हरकतें" दोहराई गईं, तो जवाब "और बड़े पैमाने पर" होगा और इसमें इस इलाक़े में मौजूद अमेरिका और इसराइल के "सभी" ठिकाने शामिल हो सकते हैं.

ईरान की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इसराइल पर मिसाइल हमले करने के बाद ईरान ने तेहरान के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आने वाली सभी उड़ानों को "अगले आदेश तक" रोक दिया.

ईरान ने क्या कहा

तेहरान

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इमेज कैप्शन, ईरान की राजधानी तेहरान में लोगों ने सरकार और हिज़्बुल्लाह के समर्थन में प्रदर्शन किया

आईआरजीसी ने बताया कि उसने हाइफ़ा के दक्षिण-पूर्व में स्थित रामत डेविड एयर बेस पर हमला करने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है.

ईरान ने अमेरिका और इसराइल की सरकारों पर उस सीज़फ़ायर (युद्धविराम) के तहत "अपना वादा पूरा न करने" का आरोप भी लगाया, जिस पर ईरान ने इन दोनों देशों के साथ हस्ताक्षर किए थे और जो अप्रैल की शुरुआत में लागू हुआ था.

ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उसकी सेना ने "कब्ज़े वाले फ़लस्तीनी इलाक़ों" के उत्तर में कई "सैन्य ठिकानों" पर हमला किया है.

मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि ये हमले अमेरिका, ईरान और इसराइल के बीच अप्रैल में हुए युद्धविराम के "बार-बार उल्लंघन" के बाद किए गए हैं. इन उल्लंघनों में देश के दक्षिण में ईरानी जहाज़ों और ठिकानों पर अमेरिकी हमले भी शामिल हैं.

दोनों पक्षों के बीच 17 अप्रैल से युद्धविराम लागू है - लेकिन यह सिर्फ़ नाम का है. इसराइल और ईरान दोनों ने ही बार-बार इसका उल्लंघन किया है.

अमेरिका ने पिछले हफ़्ते कहा था कि उसने सप्ताहांत में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जबकि ईरान ने कहा कि उसने जवाब में एक अमेरिकी बेस को निशाना बनाया.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि देश अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा कर रहा है. साथ ही चेतावनी दी कि अगर इसराइल लेबनान या ईरान पर कोई हमला करता है, तो उसे "करारा और बड़ा जवाब" दिया जाएगा.

इस बीच, बेरूत के दक्षिणी इलाक़ों पर इसराइली हमलों के बाद तेहरान में सरकार के समर्थन में लोगों ने प्रदर्शन किया है.

तस्वीरों में दिख रहे कई प्रदर्शनकारी ईरान और हिज़्बुल्लाह के झंडे लिए हुए हैं. हिज़्बुल्लाह लेबनान का एक राजनीतिक और सैन्य संगठन है जिसे ईरान का समर्थन हासिल है.

ट्रंप ने पहले भी की थी अपील

ट्रंप कोट कार्ड

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इन हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बातचीत की मेज़ पर लौटने को कहा था.

फॉक्स न्यूज़ के एक संवाददाता के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "वे पहले ही अपनी मिसाइलें दाग़ चुके हैं, अब बहुत हो चुका. बातचीत की मेज़ पर लौटें और किसी समझौते पर पहुँचें."

ईरान के मिसाइल हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कई अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों से बात की है.

इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू से बातचीत करने से पहले, ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया संस्थान 'एक्सियोस' को बताया कि वह नेतन्याहू से ईरान के हमले का जवाब न देने का आग्रह करने की योजना बना रहे हैं.

'टाइम्स ऑफ़ इसराइल' के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसराइल के 'चैनल 12' समाचार को भी यही बात दोहराई और कहा कि वह "आज रात कोई और हमला" नहीं देखना चाहते.

ट्रंप ने कहा, "ईरान के हमलों से किसी को कोई नुक़सान नहीं पहुंचा. दोनों पक्षों ने अपना-अपना काम कर लिया. इसराइल ने हमला किया और ईरान ने भी हमला किया. अब हमें किसी और हमले की ज़रूरत नहीं है."

उन्होंने आगे कहा कि वह "अभी" नेतन्याहू को फोन करने वाले हैं और उनसे "जवाब में हमला न करने" के लिए कहेंगे.

इससे पहले 'फाइनेंशियल टाइम्स' के साथ ट्रंप ने बातचीत में कहा था कि नेतन्याहू के पास ईरान के साथ समझौता स्वीकार करने के अलावा "कोई विकल्प नहीं" होगा.

"इसराइल में मौजूदा सुरक्षा हालात" की वजह से सोमवार को यरूशलम में अमेरिकी दूतावास बंद रहेगा.

दूतावास ने एक बयान में कहा है कि उसने अमेरिकी सरकार के सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे "अपनी-जगह पर ही सुरक्षित रहें और किसी सुरक्षित ठिकाने पर जाने के लिए तैयार रहें."

इसराइल क्या कर रहा है?

ईरानी मिसाइल

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इमेज कैप्शन, उत्तरी इसराइल में ईरानी मिसाइल हमले के बाद मलबा हटाते इसराइली अधिकारी

टेलीग्राम पर एक पोस्ट में, इसराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ़) ने कहा है कि उसके जनरल स्टाफ के प्रमुख हालात का जायज़ा ले रहे हैं.

इसराइली सेना ने ईरानी हमलों के बाद कहा था कि लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने कहा है कि देश "आदेश मिलते ही पूरे संकल्प के साथ दुश्मन पर हमला करेगा."

आईडीएफ़ के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने हिब्रू भाषा में एक ब्रीफिंग में कहा कि इसराइली सेना ईरान की ओर से नागरिकों पर "लगातार हमले" नहीं होने देगी.

उन्होंने कहा कि इसराइल "और हमले की संभावना के लिए तैयार" है.

डेफ्रिन ने कहा कि पूरे देश में एयर डिफेंस सिस्टम "तैनात" किए गए हैं और हमलों के बाद आईडीएफ़ के चीफ़ ऑफ़ जनरल स्टाफ "हालात का जायजा" ले रहे हैं.

उन्होंने कहा, "आईडीएफ़ पूरे लेबनान में अपना ऑपरेशन जारी रखेगी और हिज़्बुल्लाह आतंकवादी संगठन पर और ज़ोरदार प्रहार करेगी."

इस बीच संघर्ष की बढ़ती आशंका में सोमवार सुबह एशिया में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है.

ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट की कीमत 2.6% बढ़कर 95.50 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि अमेरिका में ट्रेड होने वाले कच्चे तेल की कीमत 2.5% बढ़कर 92.75 डॉलर हो गई.

अप्रैल में युद्धविराम पर सहमति के बाद से एनर्जी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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