बिहार: महागठबंधन में अब तक नहीं बनी सहमति, कई सीटों पर आपस में ही लड़ेंगे

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव
इमेज कैप्शन, एक सितंबर तक 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान महागठबंधन की पार्टियों में एकजुटता देखी जा रही थी. लेकिन अब तक सीटों के बंटवारे को लेकर पार्टियों में सहमति नहीं बन पाई.
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बिहार में विपक्षी महागठबंधन में सीटों की साझेदारी पर अब तक कोई घोषणा नहीं हो पाई है.

दूसरी तरफ़ बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान (छह नवंबर) के लिए नामांकन भरने का समय शुक्रवार को ख़त्म हो गया है.

243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में छह नवंबर को 121 सीटों पर मतदान है. इन 121 सीटों पर महागठबंधन के सहयोगी दलों ने नामांकन दाख़िल कर दिया है.

कई सीटों पर महागठबंधन के सहयोगी दल आपस में ही आमने-सामने हैं. आगामी सोमवार तक नामांकन वापस लिए जा सकते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि उससे पहले कुछ सीटों पर सहमति बन सकती है.

दूसरे चरण के चुनाव में (11 नवंबर) 122 सीटों पर मतदान है और इसके लिए पर्चा भरने की आख़िरी तारीख़ 20 अक्तूबर है.

महागठबंधन में कंफ़्यूज़न

महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस, सीपीआई (एम-एल), सीपीआई और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) हैं. अब भी इन दलों के बीच दर्जनों सीटों पर सहमति नहीं बन पाई है.

महागठबंधन में शामिल पार्टियां एकतरफ़ा उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर रही हैं.

आरजेरडी की एक पूर्व प्रवक्ता ने नाम नहीं सार्वजनिक करने की शर्त पर बीबीसी हिन्दी को बताया कि कुछ सीटों पर 'फ्रेंडली फाइट' होगी.

उन्होंने कहा, ''लगभग छह से सात ऐसी सीटें ऐसी हैं, जहाँ कांग्रेस और आरजेडी आमने-सामने हो सकते हैं. जैसे कुटुंबा, लालगंज, वैशाली, बछवाड़ा और कहलगाँव. इसके अलावा भी कुछ सीटें हैं. कांग्रेस को पिछली बार से कम सीटें मिलेंगी. 61 सीट पर बात लगभग फ़ाइनल हो गई है.''

मुकेश सहनी
इमेज कैप्शन, मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी ने 15 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी
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कांग्रेस ने इसी हफ़्ते 48 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी. वहीं सीपीआई (एमएल) ने भी 20 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है.

शुक्रवार को मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी ने एक्स के ज़रिए 15 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी.

वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने भी अनौपचारिक रूप से पार्टी सिंबल देने की शुरुआत कर दी है.

22 अक्तूबर तक पर्चा वापस लेने का समय है और उम्मीद जताई जा रही है कि तब तक महागठबंधन में चीज़ें ठीक हो जाएंगी.

बिहार कांग्रेस के एक पूर्व अध्यक्ष ने नाम नहीं ज़ाहिर करने की शर्त पर बीबीसी हिन्दी से कहा, "कांग्रेस को 61 सीटें मिल रही हैं और इनमें से भी सात से आठ सीटों पर फ्रेंडली फाइट होगी. ज़ाहिर है कि पार्टी को नुक़सान ही होगा."

उन्होंने कहा, "पिछली बार हमें 70 सीटें मिली थीं. इस बार 61 में भी अपने ही सहयोगी दल सेंध लगा रहे हैं. कुछ सीटें तो स्पष्ट हैं, जहाँ आपस में ही महागठबंधन के दल लड़ेंगे. कहलगाँव, बछवाड़ा, लालगंज, वैशाली और यहाँ तक कि प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम की सीट कुटुम्बा पर भी."

बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, "मुझे नहीं लगता है कि महागठबंधन में सीटों की साझेदारी पर कोई औपचारिक घोषणा होने जा रही है. जैसे बीजेपी ने जेडीयू के ख़िलाफ़ चिराग पासवान को खड़ा कर दिया है, वैसे ही आरजेडी ने कांग्रेस के ख़िलाफ़ मुकेश सहनी को मोहरा बना दिया है."

वहीं कांग्रेस के एक मौजूदा विधायक ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर कहा कि सीटों की साझेदारी पर सहमति नहीं बनने के कारण महागठबंधन को नुक़सान होगा.

इसके अलावा झारखंड मुक्ति मोर्चा को भी उम्मीद है कि आरजेडी जल्द सीटों को लेकर तस्वीर स्पष्ट करेगी. 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में हेमन्त सोरेन ने आरजेडी को छह सीटें दी थीं और वो आरजेडी के खाते से कुछ सीटों की उम्मीद कर रही है.

बीते सप्ताह जेएमएम के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा था कि बिहार चुनाव में लड़ने के लिए पार्टी ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. पार्टी की नज़र राज्य की सीमा सटी कुछ सीटों पर है.

उन्होंने बिहार में महागठबंधन के नेताओं से गुज़ारिश की कि "जल्द सीट शेयरिंग में जेएमएम का हिस्सा स्पष्ट किया जाए क्योंकि नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है."

अब तक कितने उम्मीदवारों ने भरा नामांकन?

महागठबंधन में शामिल पार्टियां
इमेज कैप्शन, जुलाई में पटना में एक कार्यक्रम के दौरान महागठबंधन में शामिल पार्टियों के नेता

एक सितंबर तक 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान महागठबंधन की पार्टियों में एकजुटता देखी जा रही थी, लेकिन जल्द ही आपसी मतभेद सामने आने लगे और सीटों के बँटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पाई.

पहले चरण के लिए नामांकन ख़त्म होने से पहले कांग्रेस के साथ-साथ आरजेडी, सीपीआई और अन्य पार्टियों के कई उम्मीदवारों ने अपना नामांकन भर दिया है.

पहले चरण के लिए वैशाली, जाले, लालगंज और बछवाड़ा सीट पर कांग्रेस के अलावा महागठबंधन के दूसरे दलों ने भी अपने उम्मीदवारों से पर्चा भरवाया है.

कांग्रेस ने जाले से आरजेडी नेता ऋषि मिश्रा को कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ने के लिए मना लिया है. वहीं लालगंज से आरजेडी की शिवानी शुक्ला ने और कांग्रेस के आदित्य कुमार राजा ने नामांकन दिया है.

वहीं बछवाड़ा, राजा पाकर और रोसड़ा सीटों पर कांग्रेस के सामने अपने की गठबंधन में शामिल सीपीआई के नेता होंगे.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.